इसे बोलचाल की भाषा में कमिया सिंदूर भी कहा गया है, जो कामरुप कामाख्या क्षेत्र में ही पाया जाता है. इसे आसानी से हासिल नहीं किया जा सकता है. इसकी प्राप्ति विशेष तरह के मंत्र के 108 बार जाप से सिद्ध किया जाता है. उसके बाद ही विवाहिताएं इसका इस्तेमाल मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए करती हैं.
इस तरह करें नकली सिंदूर की पहचान
अनामिका (रिंग फिंगर) हाथ की तीसरी उंगली होती है. जो मध्यमा और कनिष्ठा के बीच में होती है. अनामिका उंगली से तिलक लगाने से मानसिक शक्ति प्रबल होती है, क्योंकि इसका संबंध सीधे सूर्य देव से होता है. इससे तिलक लगाने से आज्ञा चक्र जागृत होता है.
नमक और पान के पत्ते से शत्रु का नाश करें
इस हवन में पान के पत्ते पर सिंदूर से नाम लिखकर रख ले और नमक हाथ में लेकर शत्रु का नाम लेकर हवन में 108 बार मंत्र पढ़ते हुए अर्पण करें इसके बाद पान के पत्ते को उस हवन कुंड में जला दें।
कामाख्या, देवी या शक्ति के प्रधान नामों में से एक नाम है। यह तांत्रिक देवी हैं और काली तथा 'त्रिपुर सुन्दरी' के साथ इनका निकट समबन्ध है। इनकी कथा का उल्लेख कालिका पुराण और योगिनी तंत्र में विस्तृत रूप से हुआ है। समूचे असम और पूर्वोत्तर बंगाल में शक्ति अथवा कामाक्षी की पूजा का बड़ा महात्म्य है।

No comments:
Post a Comment