Tuesday, 29 August 2023

Maa Durga Mantra | Call Now+91918281718


 दुर्गा मां के लिए प्रार्थना कैसे करें?

श्री दुर्गा स्तुति सर्व कामना सिद्धि प्रार्थना नित्य पढिए
गौरी गोदी में बिठाना अपना बालक जान कर। चिन्तपुरनी चिन्ता मेरी दूर तुम करती रहो।। लक्ष्मी लाखों भण्डारे मेरे तुम भरती रहो। नैना देवी नैनों की शक्ति को देना तुम बढ़ा।ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली
दुर्गा मंत्र जाप के लाभ
दुर्गा मंत्र को सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है, जो मां दुर्गा को समर्पित है।
इस मंत्र का जाप करने से मां दुर्गा जातक के जीवन से सभी बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक शक्ति प्रदान करती हैं।
* दुर्गा मंत्र - ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः। - दुर्गा मंत्र का फल इस प्रकार है- सभी प्रकार की सिद्धियों के लिए इस मंत्र का प्रयोग किया जाता है। शक्तिमान, भूमिवान बनने के लिए इस मंत्र का प्रयोग कर लाभ पा सकते हैं।

इस मंत्र का जाप करने से जातक को ज्ञान मिलता है, उसक दिमाग खुलता है और नए विचार आते हैं।
कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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मां बगलामुखी का मंत्र

ऊँ ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय-कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ऊँ नम: इस मंत्र से काम्य प्रयोग भी किए जाते हैं जैसे- मधु, शर्करायुक्त तिलों से होम करने पर मनुष्य वश में होते हैं।
बगलामुखी मंत्र से क्या फायदा?
इनकी कृपा से साधक का जीवन हर प्रकार की बाधाओं से मुक्त हो जाता है। सारे ब्रह्माण्ड की शक्ति मिल कर भी इनका मुकाबला नहीं कर सकती। माता बगलामुखी की पूजा करने से शत्रुओं की पराजय होती है और सभी तरह के वाद-विवाद में विजय प्राप्त होती है
मां बगलामुखी को कैसे खुश करें?
मां बगलामुखी को अक्षत, चंदन, रोली, बेलपत्र, पान, मौसमी, फल, सिंदूर, पीले पुष्प, धूप, गंज, नवेद, आदि पूजा सामग्री अर्पित करनी चाहिए। उसके बाद मां बगलामुखी कवच का पाठ करके आरती करनी चाहिए। साथ ही घर परिवार में माता रानी का प्रसाद वितरण जरुर करना चाहिए।
शत्रु नाश के लिए मंत्र

ऐसे में शत्रु से जुड़े कष्टों को दूर करने और उन पर विजय पाने के लिए आपको भगवान शिव का महामृत्युंजय मंत्र – 'ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ' अथवा मां बगुलामुखी का मंत्र 'ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां.

Saturday, 26 August 2023

Shiv Ji | Call Now+919118281718

भगवान शिव जी की भगवान शिव जी की शक्ति ऐसी दिव्या शक्ति है, जिसके ऊपर प्रसन्न हो जाते है, उसको कामयाबी और शौर्य के सबसे ऊपर रखते है किसी काम में सफलता पाने के लिए शिव जी अस्तुति करते है जिसे बड़ी कामयाबी चाहिए, काम, व्यापार, पारिवारिक सुख शांति, और ऐसे कई काम के लिए महादेव को प्रसन्न करने के लिए, महादेव की कृपा पाने के लिए ,


काशी विश्वनाथ मंदिर की क्या खासियत है?
.काशी विश्वनाथ मंदिर सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है. यह भगवान शिव को समर्पित है. यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है ये शिव के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है. मंदिर के प्रमुख देवता श्री विश्वनाथ हैं जिसका अर्थ है ब्रह्मांड के भगवान
काशी में क्या दान करना चाहिए?
काशी में मां गंगा और बाबा विश्वनाथ साक्षात विराजमान हैं। पितरों की कामना से दान में गेंहू, चावल, अन्न, बर्तन फल का दान दिया जाता है। - पितरों के नाम से गाय को घास देना चाहिए।
काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है। यह वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत में स्थित है। यह मंदिर पवित्र नदी गंगा के पश्चिमी तट पर स्थित है, और बारह ज्योतिर्लिंगस में से एक है, जो शिवमेटल के सबसे पवित्र हैं।

काशी का रहस्य क्या है?
काशी को महादेव की नगरी कहा जाता है। इसके पीछे एक कथा है कि महादेव को काशी नाम की जगह से बहुत ही मनभावन लगी, तो उन्होंने भगवान विष्णु से काशी को अपना निजी स्थान बनाने के लिए मांग लिया। तब से ही ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव काशी में निवास करते हैं और इसीलिए इस शिव की नगर या शिव के घर के रूप में जाना जाता है।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ गायत्री मंत्र का जाप करने से पितृ दोष, कालसर्प दोष, राहु केतु तथा शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है. ।।
'ओम नमः शिवाय'
भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र सबसे शक्तिशाली मंत्रों में से एक माना गया है।
शिव को प्रसन्न करने के आसान उपाय 2023| घर में शिवजी की पूजा कैसे...
सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
शिवलिंग में गंगा जल और दूध चढ़ाएं।
भगवान शिव को पुष्प अर्पित करें।
#shiva #shivbhakt #shivshakti #shivatemple #shivjimantra #shivjikavach #mahadev #mahakal #mahakalmantra #harharmahadevशक्ति ऐसी दिव्या शक्ति है, जिसके ऊपर प्रसन्न हो जाते है, उसको कामयाबी और शौर्य के सबसे ऊपर रखते है किसी काम में सफलता पाने के लिए शिव जी अस्तुति करते है जिसे बड़ी कामयाबी चाहिए, काम, व्यापार, पारिवारिक सुख शांति, और ऐसे कई काम के लिए महादेव को प्रसन्न करने के लिए, महादेव की कृपा पाने के लिए ,
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ गायत्री मंत्र का जाप करने से पितृ दोष, कालसर्प दोष, राहु केतु तथा शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है. ।।
'ओम नमः शिवाय'
भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र सबसे शक्तिशाली मंत्रों में से एक माना गया है।
शिव को प्रसन्न करने के आसान उपाय 2023| घर में शिवजी की पूजा कैसे...
सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
शिवलिंग में गंगा जल और दूध चढ़ाएं।
भगवान शिव को पुष्प अर्पित करें।

Wednesday, 23 August 2023

Maa Durga Pooja | Call Now919118281718

 



सत चंडी पाठ करने से माँ आपकी रक्षा करती है, आपके जीवन आने वाले समस्या को दूर करती है आपके पास कोई भी बाधा नहीं आ सकता है, काम, व्यापार, परिवार शादी विवाह, और सभी ऐसे काम में कोई बाधा नहीं आती सब जगह ही आपकी विजय होती है

चंडी मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं सर्व पूज्य देवी मंगल चंडिके ऐ क्रम फट् स्वाः ॥
सत चंडी पाठ यज्ञ भी दुर्गासप्तशती पाठ है। यह राक्षस महिषासुर पर देवी की जीत की व्याख्या करता है। सत चंडी पाठ यज्ञ का मुख्य उद्देश्य देवी की जागरूकता प्राप्त करना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना है । क्योंकि वह विशाल ऊर्जा और शक्ति का वाहक है
चंडी पाठ
नवरात्रि में इसे विशेष तौर पर कई घरों में पढ़ा जाता है। ऐसी मान्यता है कि चंडी पाठ करने से भय और पापों का नाश होता है। साथ ही संकट से निवारण, शुभ फल मिलते हैं और शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होती है।
चंडी पाठ को दुर्गा सप्तशती या दुर्गा-पाठ भी कहते हैं. चंडी का पाठ करना भक्तों के लिए बहुत शुभ माना गया है. यह राक्षस महिषासुर पर देवी की जीत की व्याख्या करता है. दुर्गा सप्तशती में अध्याय एक से तेरह तक तीन चरित्र विभाग हैं.
यह यज्ञ कुल चार दिनों का होगा जिसमें कलश, गौरी, गणेश, षोडश मातृका, सप्तघृत मातृका, सर्वतोभद्र मण्डल, नवग्रह, क्षेत्रपाल आदि की स्थापना और पूजा के उपरांत दुर्गा सप्तशती के 100 पाठ किये जाते हैं और अंत में हवन एवं भंडारा किया जाता है। शतचंडी यज्ञ की अपार महिमा मानी गई है।


मंगल काव्य अक्सर चंडी को देवी काली या कालिका के साथ जोड़ते हैं और उन्हें शिव की पत्नी और गणेश और कार्तिकेय की मां के रूप में पहचानते हैं, जो पार्वती और दुर्गा जैसी देवियों की विशेषताएं हैं।

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 ॐ गं गणपतये नमः


ज्योतिष के अनुसार, यदि आपके जीवन में परेशानियां हैं और उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आप उपरोक्त मंत्र का जाप करें। भगवान गणेश का ये मंत्र इतना चमत्कारी है कि इसके जाप से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और परेशानियां दूर होती हैं। इस मंत्र के जाप से भक्तों जल्द ही शुभ फल प्राप्त होगा।

गणेश गायत्री मंत्र:
एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
गणेश जी का महामंत्र
महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। इस मंत्र का जाप एक निश्चित संख्या यानी 1 से 10 माला जाप कर सकते हैं. यह मंत्र बुध ग्रह से संबंधित है
ओम गं गणपतये नमः
भगवान श्री गणेश के बीज मंत्र 'गं' का जाप कर आप अपनी सभी कामनाओं को प्राप्त कर सकते हैं। बीज मंत्र से मिलकर बने मंत्र 'ओम गं गणपतये नमः' का जप करने से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है और आर्थिक प्रगति तथा समृद्धि भी प्राप्त होगी।

Kamakhya Temple | Call Now+919118281718

 माँ कामाख्या एक ऐसी शक्ति है, जिससे आपके पास कैसा भी समस्या रहे , माँ के आशीर्वाद से सब दूर हो जाते है रोग, दोष, टोना, टोटका, भूत प्रेत बाधा, परिवारिक समस्या, काम धंधा, व्यापार, शादी विवाह, ऐसे बहुत सारे समस्या आपके जीवन में आते रहते है जिससे आप परेशान रहते है,

कामाख्या देवी की शक्ति
यह मंदिर तांत्रिकों का प्रमुख सिद्धपीठ माना जाता है। माता कामाख्या की तांत्रिकों द्वारा विशेष पूजा की जाती है। इसके अलावा मां कामाख्या देवी को हर इच्छा पूरी करने वाली देवी के रूप में भी जाना जाता है। कहते हैं मां कामख्या अपने भक्तों की प्रार्थना व तपस्या से खुश होने पर उनकी हर मुराद पूरी करती है।

पौराणिक कथा के अनुसार जब देवी सती अपने योगशक्ति से अपना देह त्याग दी तो भगवान शिव उनको लेकर घूमने लगे उसके बाद भगवान विष्णु अपने चक्र से उनका देह काटते गए तो नीलाचल पहाड़ी में भगवती सती की योनि (गर्भ) गिर गई, और उस योनि (गर्भ) ने एक देवी का रूप धारण किया, जिसे देवी कामाख्या कहा जाता है।

Saturday, 19 August 2023

Hanuman Ji Mantra | Call Now+919118281718

 
कलयुग में हनुमान जी को वरदान मिला है जो भी भक्त सच्चे मन से हनुमान जी को पुकारेगा, अपने संकट के समय में हनुमान जी अपने भक्तो की पुकार जरूर सुनेंगे, और संकट से अपने भक्तो को बाहर निकालेंगे, जैसे हनुमान जी ने संकट के समय में अपने प्रभु श्री राम जी को संकट के समय में श्री राम जी के साथ थे और उसको सारे संकटो से उबारा थे

हनुमान जी को उनकी शक्ति ( सामर्थ ) को याद दिलाना पड़ता है क्यों की हनुमान जी को श्राप मिला था की उनको उनकी शक्ति याद नहीं रहेगी उनकी शक्ति उनको याद दिलानी पड़ेगी
कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं।।
चौपाई
अंगद कहइ जाउँ मैं पारा। जियँ संसय कछु फिरती बारा।।
जामवंत कह तुम्ह सब लायक। पठइअ किमि सब ही कर नायक।।
कहइ रीछपति सुनु हनुमाना। का चुप साधि रहेहु बलवाना।।
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना।।
कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं।।
राम काज लगि तब अवतारा। सुनतहिं भयउ पर्वताकारा।।
कनक बरन तन तेज बिराजा। मानहु अपर गिरिन्ह कर राजा।।
सिंहनाद करि बारहिं बारा। लीलहीं नाषउँ जलनिधि खारा।।
सहित सहाय रावनहि मारी। आनउँ इहाँ त्रिकूट उपारी।।
जामवंत मैं पूँछउँ तोही। उचित सिखावनु दीजहु मोही।।
एतना करहु तात तुम्ह जाई। सीतहि देखि कहहु सुधि आई।।
तब निज भुज बल राजिव नैना। कौतुक लागि संग कपि सेना।।

Hanuman ji has got a boon in Kalyug, any devotee who calls Hanuman ji with a true heart, in his time of crisis, Hanuman ji will definitely listen to the call of his devotees, and will get his devotees out of trouble, as Hanuman ji did in times of crisis Our Lord Shri Ram was with Shri Ram ji in the time of crisis and saved him from all the troubles.
Hanuman ji has to be reminded of his power because Hanuman ji was cursed that he will not remember his power, he has to be reminded of his power.
Why is there such a difficult world? Jo nahin hoi tat tumha pahi.