Monday, 30 January 2023

Ma Kamakhya Pooja | Call Now+919118281718


 कामाख्या देवी की पूजा करने से क्या होता है?

इस पूजा से धन से जुडी परेशानियां ख़त्म होती जाती है। कामाख्या पूजा से विवाह में आ रही सभी मुश्किलें दूर होती जाती है। कामाख्या पूजा द्वारा लम्बे समय से चले आ रहे क़ानूनी विवादों में जीत हासिल होती है। कामाख्या पूजा द्वारा व्यापार में आ रही परेशानियां समाप्त होने लगती है और व्यापार भी बढ़ने लगता है।
मंत्र - 'ॐ ह्रीं ह्रीं श्रीं हूँ हूँ स्त्रीं स्त्रीं कामाख्ये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं हूँ हूँ स्त्रीं स्त्रीं स्वाहा । '
कामाख्या देवी का मंत्र
ॐ नमो कामाक्षी देवी आमुकी में वंशं कुरु कुरु स्वः॥ विष्णुब्रह्मशिवैर्देवैर्धृयते या जगन्मयी । सितप्रेतो महादेवो ब्रह्मा लोहितपंकजम् ॥
कामाख्या मंदिर के रहस्य

कामाख्या मंदिर के गुप्त रहस्य जानकर चौंक जाएंगे
कालिका पुराण के अनुसार, कामाख्या मंदिर उस स्थान को दर्शाता है जहां सती शिव के साथ अपने प्रेम को संतुष्ट करने के लिए गुप्त रूप से संन्यास लेती थीं , और यह वह स्थान भी था जहां शिव तांडव (विनाश का नृत्य) के बाद उनकी योनि (जननांग, गर्भ) गिर गई थी। सती का शव.

Saturday, 28 January 2023

Pitra Dosh | Call Now+919118281718


 क्या है पितृ दोष?

अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार विधि विधान से न किया जाए या फिर उस व्यक्ति की अकाल मृत्यु हो जाए तो उस व्यक्ति से जुड़े परिवार को पितृ दोष का सामना करना पड़ता है। यह एक पीढ़ी ही नहीं बल्कि पीढ़ियों दर पीढ़ियों चलता रहता है।

पितृ दोष के प्रभाव को कम करने के लिए महादेव की मूर्ति के सामने इस मंत्र (ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय च धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात) का जाप करें। अपने पितरों की मुक्ति के लिए श्रद्धापूर्ण ढंग से प्रार्थना करें।
पितरों को शांत करने के लिए क्या करना चाहिए?
पितृ पक्ष शांति के लिए रोजाना दोपहर के समय पीपल के पेड़ की पूजा करें. पितरों को प्रसन्न करने के लिए पीपल में गंगाजल में काले तिल, दूध, अक्षत और फूल अर्पित करें. पितृ दोष शांति के लिए ये उपाय बहुत कारगर है. पितृ पक्ष में रोजाना घर में शाम के समय दक्षिण दिशा में तेल का दीपक लगाएं
कैसे पहचाने घर में पितृ दोष है ?
पितृ दोष होने पर वैवाहिक जीवन में सदा तनाव बना रहता है. पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़े होते हैं. परिवार में एकता नहीं होती. अक्सर घर में क्लेश होते है, मानसिक शांति नहीं मिलती, बिना बात के घर में लड़ाई होना पितृ दोष के लक्ष्ण हैं.

पितरों की शांति के लिए कौन सा पाठ करना चाहिए?
1. सामान्य उपायों में षोडश पिंडदान, सर्पपूजा, ब्राह्मण को गौदान, कन्यादान, कुआं, बावड़ी, तालाब आदि बनवाना, मंदिर प्रांगण में पीपल, बड़ (बरगद) आदि देववृक्ष लगवाना एवं विष्णु मंत्रों का जाप, प्रेत श्राप को दूर करने के लिए श्रीमद्द्भागवत का पाठ करना चाहिए।

Bholenath Mantra | Call Now+919118281718

 


यदि आपके ऊपर महादेव भोलेनाथ की कृपा हो जाये तो कोई आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता, ना भूत प्रेत की बाधा, आपके आपके परिवार में अकाल मृत्यु नहीं होगी धन व्यापार में बृद्धि होगा, शादी विवाह में रूकावट नहीं आएगा, सब दूर भागेंगे ऐसे करते है प्रसन्न भोलेनाथ को तो

महादेव को प्रसन्न कैसे करे
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।। ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
शिव के प्रिय मंत्र-
ॐ नमः शिवाय।
नमो नीलकण्ठाय।
ॐ पार्वतीपतये नमः।
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।। ऊँ नम: शिवाय।।
शिव जी का प्रिय मंत्र कौन सा है?
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।। ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
रुद्र मंत्र है
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि; तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ . मैं महान भगवान आदर्श पुरुष भगवान महादेव के चरणों में प्रणाम करता हूं। हे प्रभु!
महादेव को सबसे प्रिय क्या है?
शिव को बिल्वपत्र, पुष्प, चन्दन का स्नान प्रिय हैं। इनकी पूजा के लिये दूध, दही, घी, गंगाजल, शहद इन पांच अमृत जिसे पञ्चामृत कहा जाता है, से की जाती है। शिव का त्रिशूल और डमरू की ध्वनि मंगल, गुरु से संबंधित हैं।

शिव के 15 मंत्र, चारों तरफ से मिलेगी सफलता
सुख, शांति, धन, समृद्धि, सफलता, प्रगति, संतान, प्रमोशन, नौकरी, विवाह, प्रेम और बीमारी सभी के लिए सोमवार को इन मंत्रों को अवश्य जपें। यहां प्रस्तुत है 15 शिव शंभु के ऐसे मंत्र जिनका जप जीवन में हर तरह की शुभता, अनुकूलता और प्रगति लाता है।

Thursday, 26 January 2023

Kamakhya Mohini Mantra | Call Now+919118281718

 


जानें कामाख्या देवी बीज मंत्र बेनिफिट्स और कामाख्या मोहिनी मंत्र - क्लीं क्लीं कामाख्या क्लीं क्लीं नमः

कामाख्या मोहिनी मंत्र
ॐ उड्डामहेश्वराय सर्व जगन्मोहनाय अं आं इं ईं उं ऊं ऋं ॠं फट् स्वाहा । इस मंत्र को प्रथम एक लाख बार जाप करके सिद्धि करे, फिर जब प्रयोग करना हो तो पान की जड़ को जल में पीस कर सात बार उक्त मंत्र से अभिमन्त्रित कर मस्तक पर तिलक लगाने से देखने वाले मोहित हो जाते हैं । यश्च यश्च मम मुखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा ।

कामाख्या आकर्षण मंत्र
'ॐ नमो भगवते कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यस्य यस्य मम मुखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा। ' इस मंत्र के जाप से मानसिक और शारीरिक आकर्षण में तीव्रता आ जाती है।

Kamakhya Mohini Mantra | Call Now+91918281718

 


जानें कामाख्या देवी बीज मंत्र बेनिफिट्स और कामाख्या मोहिनी मंत्र - क्लीं क्लीं कामाख्या क्लीं क्लीं नमः

कामाख्या मोहिनी मंत्र
ॐ उड्डामहेश्वराय सर्व जगन्मोहनाय अं आं इं ईं उं ऊं ऋं ॠं फट् स्वाहा । इस मंत्र को प्रथम एक लाख बार जाप करके सिद्धि करे, फिर जब प्रयोग करना हो तो पान की जड़ को जल में पीस कर सात बार उक्त मंत्र से अभिमन्त्रित कर मस्तक पर तिलक लगाने से देखने वाले मोहित हो जाते हैं । यश्च यश्च मम मुखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा ।

कामाख्या आकर्षण मंत्र
'ॐ नमो भगवते कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यस्य यस्य मम मुखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा। ' इस मंत्र के जाप से मानसिक और शारीरिक आकर्षण में तीव्रता आ जाती है।

Wednesday, 25 January 2023

Ma Kamakhya Vashikaran | Call Now+919118281718


 कामाख्या देवी का वशीकरण मंत्र कौन सा है?

तस्वीर और यंत्र पर अपना ध्यान कंद्रित करें। उसके बाद स्फटिक या लाल चंदन की माला से निम्नलिखित मंत्र का 21 बार दोषरहित उच्चारण के साथ जाप करें। मंत्र हैः- ओम रं श्रृं अमुकं वश्यमानाया हुं। यहां अमुकं शब्द के बदले उस प्रिय व्यक्ति का स्पष्ट नाम उच्चरित करें, जिसे अपने वश में करना चाहते हैं।

कामाख्या देवी का मूल मंत्र क्या है?
' मंत्र - 'ॐ ह्रीं ह्रीं श्रीं हूँ हूँ स्त्रीं स्त्रीं कामाख्ये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं हूँ हूँ स्त्रीं स्त्रीं स्वाहा । '
कामाख्या देवी मंदिर में किसकी पूजा होती है?
भक्त यहां देवी सती की गिरी हुई योनि (गर्भ) की पूजा करने के लिए आते हैं जो देवी कामाख्या के रूप में हैं और दुनिया के निर्माण और पालन-पोषण के कारण देवी सती के गर्भ की पूजा करते हैं।
महिलाओं को शिवलिंग को छूने की अनुमति क्यों नहीं है?
इसका कारण यह है कि भगवान शिव को सबसे अच्छा पति माना जाता है और लड़कियां उनसे अपने लिए उनके जैसा पति मांगती हैं। लिंग पुराणम के अनुसार, सभी पुरुष भगवान शिव के अंश हैं और सभी लड़कियां पार्वती के अंश हैं। इसलिए भले ही लड़कियों को शिवलिंग को छूने की मनाही है, लेकिन इसमें जल चढ़ाने की कोई मनाही नहीं है।
मां कामाख्या की पूजा कैसे करें?

पूजा विधि
माँ कामाख्या की पूजा करने से पहले पूजा स्थान या चौकी को साफ करके फूलों से सजा लें।
कन्याओं को अपने घर आमंत्रित करें।
कन्या पूजन करके उन्हें नए कपडे देकर भोजन करवाए।
आप माँ कामाख्या को प्रसन्न करने लिए भंडारे का आयोजन कर सकते है।
इसके बाद कामाख्या देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

Monday, 23 January 2023

Jivadani Mata Mantra | Call Now+919118281718

 
जीवदानी का अर्थ है जीवन देने वाली माता होता है। जानकारों के मुताबिक इस सतपुरा पहाडिय़ों की शृंखला में पहले जीवन दायी औषधियां मिलती थी। इन औषधियों से लोगों की प्राण रक्षा होती थी, इसलिए एक मान्यता यह भी है कि इसी वजह से माता का नाम जीवदानी पड़ा गया। तब से लोग इन्हें जीवदानी माता कहने लगे।

श्रीजीवदानी चालीसा माँ जिवदानि ध्यान धरउँ, दीजै शुभ आशीष। बरनौं यश विनती करउँ, रहे चरन में शीश।। हे माँ जीवदानी!
चहुँ फलदाइ यश तुम्हरौ, जस गंगा की धार। जो नित पढ़इ प्रेम सहित, सो उतरइ भव पार।। हे माँ जीवदानी! गङ्गा की धारा की तरह पवित्र आपका यश चारों फल (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) देनेवाला है।
जाहिरा तौर पर इसका अस्तित्व उस समय तक जाता है जब भगवान शिव अपनी पत्नी सती के शव को ले जा रहे थे और उनका शरीर टुकड़ों में बिखरा हुआ था जो दुनिया भर में 52 स्थानों पर गिरकर इसे 'शक्तिपीठ' बना रहा था। मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है जो समुद्र तल से लगभग 1500 फीट ऊपर है।

Ma Lakshmi Mantra | Call Now+919118281718

 


लक्ष्मी जी की पूजा करते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

“ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नम” इस मंत्र के जाप से आत्मविश्वास में वृद्धि होने के साथ-साथ आर्थिक परेशानियों का अंत होने की मान्यता है। जानिए मां लक्ष्मी के प्रभावशाली मंत्रों का कैसे करें जाप। मां लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है।
लक्ष्मी जी का शाबर मंत्र
ऊँ ह्रीं श्रीं ठं ठं ठं नमो भगवते, मम सर्वकार्याणि साधय, मां रक्ष रक्ष शीघ्रं मां धनिनं। कुरु कुरु फट् श्रीयं देहि, ममापति निवारय निवारय स्वाहा।।
ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः:।। सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए महालक्ष्मी के इस मंत्र का करीब 108 बार जाप करना शुभ साबित होगा। ऊँ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।

लक्ष्मी जी का महामंत्र
ऊँ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।। यह श्री लक्ष्मी महामंत्र है. इसके जाप से सुख-समृद्धि के साथ ही धन लाभ भी होता है. श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा।

Sunday, 22 January 2023

Ma Durga Mantra | Call Now+919118281718

 


माँ दुर्गा को कैसे करे प्रसन्न,कैसे होगी आपके और आपके परिवार के ऊपर माँ दुर्गा होगी कृपा, भुत प्रेत बाधा से छुटकारा पाए, धन व्यापर में बृद्धि होगा,इस बिधि से करे माँ दुर्गा की पूजा

दुर्गा मैया का मंत्र
नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै' का जाप अधिक से अधिक अवश्य करें।
ॐ जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी । दुर्गा, शिवा, क्षमा, धात्री, स्वाहा, स्वधा नमोऽस्तु ते॥ एष सचन्दन गन्ध पुष्प बिल्व पत्राञ्जली ॐ ह्रीं दुर्गायै नमः॥
नवरात्रि में कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए?
नवरात्रि में करें मां दुर्गा के इन मंत्रों का जाप –
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। ...
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता, ...
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। ...
नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै' का जाप अधिक से अधिक अवश्य करें.
पिण्डज प्रवरा चण्डकोपास्त्रुता।
मां दुर्गा से प्रार्थना कैसे करें?
दासोयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥ आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्‌। पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि॥ मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि।

सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है?
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।। - यह मंत्र ईश्वर और सूर्य को समर्पित है। 2. दूसरा महामृत्युंजय मंत्र है- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम्।

Saturday, 21 January 2023

Bhole Baba Ji | Call Now+919118281718


शिव के 15 मंत्र, चारों तरफ से मिलेगी सफलतासुख, शांति, धन, समृद्धि, सफलता, प्रगति, संतान, प्रमोशन, नौकरी, विवाह, प्रेम और बीमारी सभी के लिए सोमवार को इन मंत्रों को अवश्य जपें। यहां प्रस्तुत है 15 शिव शंभु के ऐसे मंत्र जिनका जप जीवन में हर तरह की शुभता, अनुकूलता और प्रगति लाता है।

पाना चाहते हैं भोलेनाथ की कृपा, तो इन मंत्रों का करें जाप, शिव जी करेंगे हर मनोकामना पूरी
महादेव की कृपा पाने के लिए इन मंत्रों का करें जाप ॐ नमः शिवाय ...
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥ ...
ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।। ऊँ नम: शिवाय।।

शिव जी का प्रिय मंत्र है?
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।। ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

Thursday, 19 January 2023

Salasar Bala Ji | Call Now+919118281718


 हनुमानजी कलयुग में जागृत देवता हैं। उनकी कृपा के लिए पहली शर्त यह है कि आप मन, वचन और कर्म से पवित्र रहें। इसके अलावा प्रतिदिन श्रीहनुमान चालीसा या श्रीहनुमान वडवानल स्तोत्र का पाठ करें। यदि आपकी कोई विशेष मनोकामना है तो मात्र एक उपाय करें।

बालाजी का मंत्र
ॐ श्री वेंकटेश्वराये नमो नमः. श्रीमन नारायण नमो नमः. तिरुमल तिरुपति नमो नमः. जय बालाजी नमो नमः.
अकस्मादागतोत्पांत नाशयाशु नमोस्तुते।। जयति जय जय बजरंग बाला, कृपा कर सालासर वाला ॥ चैत सुदी पूनम को जन्मे, अंजनी पवन खुशी मन में। प्रकट भए सुर वानर तन में, विदित यश विक्रम त्रिभुवन में।
तिरुपति बालाजी का वास्तविक नाम श्री वेंकटेश्वर स्वामी है जो स्वयं भगवान विष्णु हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान श्री वेंकटेश्वर अपनी पत्नी पद्मावती के साथ तिरुमला में निवास करते हैं। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान वेंकटेश्वर के सामने प्रार्थना करते हैं, उनकी सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं।

सालासर बालाजी के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर की स्थापना मोहनदास महाराज ने विक्रम संवत 1811 में श्रावण शुक्ल नवमी को की थी। ऐसी मान्यता है कि मोहनदासजी भक्ति से प्रसन्न होकर हनुमानजी आसोटा में मूर्ति रूप में प्रकट हुए और अपने भक्त की मनोकामना पूर्ण की। तत्पश्चात मूर्ति की सालासर में प्राण प्रतिष्ठा हुई।

Ma Kali Mantra | Call Now+919118281718


 माँ काली जी के इस विधि से पूजा करने से आपके सभी मनोकानए पूरी होंगे, धन,व्यापार, परिवार, सभी में होगी बृद्धि,भूत प्रेत आपसे और आपके परिवार दूर भागेंगे

क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥ यह मां काली का एकाक्षरी मंत्र है। इसका जप मां के सभी रूपों की आराधना, उपासना और साधना में किया जा सकता है।
मां काली के मंत्रों का जाप
एकाक्षरी काली मंत्र - ॐ क्रीं
तीन अक्षरी काली मंत्र - ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं
पांच अक्षरी काली मंत्र - ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्
सप्ताक्षरी काली मंत्र - ॐ हूँ ह्रीं हूँ फट् स्वाहा
मां काली को क्या पसंद है?
- शुक्रवार के दिन पवित्र होकर हल्के लाल या गुलाबी वस्त्र पहनकर माता के मंदिर में जाकर गुग्गल की धूप जलाने के बाद गुलाब के फूल चढ़ाएं और माता की मूर्ति के समक्ष बैठकर अपनी समस्याओं के खत्म करने की प्रार्थना करें. - मां काली की उपासना में लाल और काली वस्तुओं का विशेष महत्व होता है, जो सामान्यतः इन्हें अर्पित की जाती हैं.
देवी काली वह मां दुर्गा का एक भयानक रूप है। वह ब्रह्मांड की दिव्य स्त्री ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। मां काली बुराई का विनाश करती हैं और शक्तिशाली मानी जाती हैं। वह नश्वर हैं और राक्षसों और देवताओं द्वारा समान रूप से पूजनीय है जो उनके क्रोध का सामना करने से डरते हैं।

मां काली क्यों हो जाती है?
काली या महाकाली हिन्दू धर्म की एक प्रमुख देवी हैं. यह सुन्दरी रूप वाली भगवती पार्वती का काला और भयप्रद रूप है, जिसकी उत्पत्ति असुरों के संहार के लिए हुई थी. पार्वती के इस रूप मां काली को बंगाल, ओडिशा और असम में पूजा जाता है. काली को शाक्त परम्परा की दस महाविद्याओं में से एक भी माना जाता है.

Tuesday, 17 January 2023

Kamakhya Devi Mantra | Call Now+919118281718



कामाख्या देवी की पूजा करने से होता है
इस पूजा से धन से जुडी परेशानियां ख़त्म होती जाती है। कामाख्या पूजा से विवाह में आ रही सभी मुश्किलें दूर होती जाती है। कामाख्या पूजा द्वारा लम्बे समय से चले आ रहे क़ानूनी विवादों में जीत हासिल होती है। कामाख्या पूजा द्वारा व्यापार में आ रही परेशानियां समाप्त होने लगती है और व्यापार भी बढ़ने लगता है।

कामाख्या देवी का वशीकरण मंत्र कौन सा है?
तस्वीर और यंत्र पर अपना ध्यान कंद्रित करें। उसके बाद स्फटिक या लाल चंदन की माला से निम्नलिखित मंत्र का 21 बार दोषरहित उच्चारण के साथ जाप करें। मंत्र हैः- ओम रं श्रृं अमुकं वश्यमानाया हुं। यहां अमुकं शब्द के बदले उस प्रिय व्यक्ति का स्पष्ट नाम उच्चरित करें, जिसे अपने वश में करना चाहते हैं।
कामाख्या देवी का रहस्य है
माना जाता है कि नीलांचल पर्वत पर माता की योनि गिरी थी, जिसके कारण यहां कामाख्या देवी शक्तिपीठ की स्थापना हुई. ऐसी मान्यता है कि माता की योनि नीचे गिरकर एक विग्रह में परिवर्तित हो गयी थी, जो आज भी मंदिर में विराजमान है और जिससे आज भी माता की वह प्रतिमा रजस्वला होती है.

कामाख्या देवी मंदिर देश के 52 शक्तिपीठों में सबसे प्रसिद्ध है। कामाख्या देवी शक्तिपीठ असम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से 8 किलोमीटर दूर कामाख्या में है। यह शक्तिपीठ तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है।

Thursday, 12 January 2023

Vaishno Devi Mantra | Call Now+919118281718


 वैष्णो देवी मंदिर में तीन पिंडियां हैं जो माता को उनके तीन अलग-अलग रूपों में दिखाती हैं, प्रत्येक एक अतिरिक्त विशेषता का प्रतिनिधित्व करती है। ये तीन रूप महा काली, महा लक्ष्मी और महा सरस्वती हैं।

वैष्णो माता को कैसे प्रसन्न करें?
इन विशेष मंत्रों से प्रसन्न होती है मां वैष्णो देवी
अनिष्ट-हर्ता गृहाणेदं भगवती भक्त-वत्सला।। ॐ श्री वैष्णवी नमः। ...
अनन्तं पुण्यफ़ल दमतः शान्ति प्रयच्छ मे।। ...
दध्या-नीतं मया स्नानार्थ प्रति-गृहयन्ताम्।। ...
मया-हृताणि-पुष्पाणि गृहायन्ता पूजनाय भो।।

मां वैष्णो देवी के दरबार में प्राचीन गुफा का महत्व इसीलिए भी ज्यादा है क्योंकि कहा जाता है कि यहां भैरव का शरीर मौजूद है। -कहा जाता है कि यहीं पर भैरव को मां नेअपने त्रिशूल से मारा था और उसका सिर उड़कर भैरव घाटी में चला गया और शरीर इस गुफा में रह गया था।

Tuesday, 10 January 2023

Hanuman Ji Mantra | Call Now+919118281718


 हनुमान जी से प्रार्थना कैसे करें?

हनुमान जी स्वयं की प्रार्थना से उतने प्रसन्न नहीं होते , जितने कि "श्रीराम" की प्रार्थना से . - जीवन में किसी भी समस्या के निवारण के लिए पीपल के पत्ते पर चमेली के तेल और सिन्दूर से "राम-राम" लिखकर हनुमान जी को अर्पित करें . - इसके बाद अपनी समस्याओं के निवारण के लिए प्रार्थना करें.

भक्तों को सुख एवं समृद्धि प्राप्त होती
ओम हं हनुमंताय नम:. ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा। ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट। महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते।
संकट दूर करने के लिए मंत्र
ॐ शान्ताय नम:। ॐ मारुतात्मजाय नमः। ऊं हं हनुमते नम:।
हनुमान जी का शक्तिशाली मंत्र क्या है?
मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठ। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ।। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र को सबसे प्रभावी मंत्र माना गया है. इस मंत्र के जाप से

हनुमान जी का मूल मंत्र है?
हनुमान जी का मूल मंत्र:- ओम ह्रां ह्रीं ह्रं ह्रैं ह्रौं ह्रः॥ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्। ओम हं हनुमंताय नम:. ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा.

Saturday, 7 January 2023

Maa Durga Mantra | Call Now+919118281718

 घर में किसकी पूजा करनी चाहिए?

घर के पूजनस्थल में किन देवी-देवताओं को स्थापित करना चाहिए यह भी वास्तु के लिहाज से आवश्यक होता है। वास्तुशास्त्र कहता है कि गुडलक पाने के लिए पूजाघर में विष्णु, लक्ष्मी, राम-सीता, कृष्ण, एवं बालाजी जैसे सात्विक एवं शांत देवी देवता का यंत्र, मूर्ति और तस्वीर रखना शुभ फलदायी होता है।
माँ दुर्गा का ध्यान कैसे करे?
* नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै' का जाप अधिक से अधिक अवश्य करें।
...
मां दुर्गा को सबसे प्रिय हैं ये 4 सरल मंत्र, चारों दिशाओं से...
* सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। ...
* ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। ...
* या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
हिन्दू धर्म में देवी दुर्गा को सबसे शक्तिशाली देवी माना गया है। देवी दुर्गा ने महिषासुर जैसे शक्तिशाली असुर का वध कर मनुष्य जाति का उद्धार किया था। समस्त ब्रह्मांड में मां दुर्गा स्त्री शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है। मान्यताओं के मुताबिक दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना जाता है.
हिंदू धर्म में दुर्गा कौन है?

दुर्गा, (संस्कृत: "दुर्गम") हिंदू धर्म में, देवी का एक प्रमुख रूप, जिसे देवी और शक्ति के रूप में भी जाना जाता है । किंवदंती के अनुसार, दुर्गा को ब्रह्मा, विष्णु, शिव और कम देवताओं द्वारा भैंस राक्षस महिषासुर के वध के लिए बनाया गया था, जो अन्यथा उसे दूर करने के लिए शक्तिहीन थे।

Shiva Bhagwan Mantra | Call Now+919118281718

 
भगवन शिव की पूजा ऐसे करने से आपके परिवार में खुशिया बनी रहेगी, सरे संकट को दूर करेंगे,घर परिवार बृध्दि होगी, धन ब्यापार में बृध्दि, शादी विवाह की समस्या दूर होगी, भूत प्रेत से छुटकारा पाएंगे, ऐसी होगी भगवन शिव जी की कृपा

शिव का शक्तिशाली मंत्र
ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।
महादेव को प्रसन्न कैसे करे
ओम ईशानाय नम:।।
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्रों का जाप शुभ फलदायी है.
सोमवार के दिन भगवान शिव के प्रिय मंत्रों का जाप करें.
कहते हैं कि मंत्रों के बिना पूजा अधूरी रह जाती है.
यह बहुत शिव गायत्री मंत्र बहुत शक्तिशाली मंत्र बताया जाता है। सावन में हर रोज इस मंत्र का जप करने से सभी समस्याएं दूर होती हैं। यह मंत्र भगवान शिव के सभी रूपों की पूजा के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।। ऊँ नम: शिवाय।। ओम साधो जातये नम:।।
भगवान शिव सबसे शक्तिशाली मंत्र है
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।।
- यह मंत्र ईश्वर और सूर्य को समर्पित है।
2. दूसरा महामृत्युंजय मंत्र है- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम्।

शिव के 15 मंत्र, चारों तरफ से मिलेगी सफलता
सुख, शांति, धन, समृद्धि, सफलता, प्रगति, संतान, प्रमोशन, नौकरी, विवाह, प्रेम और बीमारी सभी के लिए सोमवार को इन मंत्रों को अवश्य जपें। यहां प्रस्तुत है 15 शिव शंभु के ऐसे मंत्र जिनका जप जीवन में हर तरह की शुभता, अनुकूलता और प्रगति लाता है।

Friday, 6 January 2023

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बगलामुखी कवच क्या है?

बगलामुखी कवच शुभ, पवित्र और शक्तिशाली कवच है जो आठवीं महाविद्या देवी बगलामुखी को समर्पित होता है। यह कवच नकारात्मक शक्तियों और बुरी नज़र से रक्षा के लिए सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। बगलामुखी कवच आपको और आपके परिवार को बुरी शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करता है। आपको हानि पंहुचा रहे लोगों और शत्रुओं का नाश होता है।
बगलामुखी कवच आपको और आपके परिवार को बुरी शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करता है। आपको हानि पंहुचा रहे लोगों और शत्रुओं का नाश होता है। कोर्ट-कचहरी जैसे ज़मीन-जायदाद, झूठे केस में तुरंत राहत प्राप्त होती है। देवी बगलामुखी के आशीर्वाद से धारक को दुश्मनों पर विजय प्राप्त होती है।
ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानाम वाचं मुखम पदम् स्तम्भय। जिव्हां कीलय बुद्धिम विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा।। कामना पूर्ति के लिए- उपरोक्त मंत्र का जप 40 दिनों तक तक 108 बार सुबह शाम करने से माता बगलामुखी सभी मनवांछित कामनाएं पूरी कर देती है।

बगलामुखी कवच ​​कौन पहन सकता है?
बगलामुखी कवच ​​की पूजा करना और धारण करना कानूनी मामलों में जीत, कानूनी मुकदमे, सफलता, बहुत अच्छा व्यवसाय, ऋण मुक्ति, समृद्धि, मन की शांति, शक्ति, जीत और प्रतियोगिताओं में सफलता के लिए आदर्श है। यह कवच दुष्ट व्यक्तियों, भूतों और यक्षिणी के प्रभाव को दूर करने में भी लाभकारी है।

Tuesday, 3 January 2023

Kaal Bhairva Baba | Call Now+919118281718

 


काल भैरव को दारू क्यों चढ़ाई जाती है?

ऐसी मान्यता है कि भगवान काल भैरव को मदिरा का भोग लगाने के बाद उसे प्रसाद के रूप में सेवन करने से शरीर के सभी रोग दूर हो जाते हैं. साथ ही सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है.
वैष्णो देवी ने भैरवनाथ को क्यों मारा?
जब भैरवनाथ ने अंदर जाने की कोशिश की तो हनुमान और भैरवनाथ के बीच युद्ध हुआ। इसके बाद भी जब भैरवनाथ ने हार न मानी तो मां स्वयं महाकाली के रूप में प्रकट हुई और भैरवनाथ का वध किया। जिस पर्वत पर भैरवनाथ का सिर गिरा वो स्थान भैरवनाथ मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।
भैरव की मृत्यु कैसे हुई?
उसी वक्त भगवान शिव ने अपने अवतार की रचना की और उसे 'काल' नाम देकर कहा कि ये काल यानि मृत्यु का राजा है। वह काल या मृत्यु का राजा कोई और नहीं शिव का अवतार भैरव था। ब्रह्मा के क्रोध से जलते सिर को भैरव ने उनके धड़ से अलग कर दिया।
धर्म शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने कालभैरव अवतार लिया था। इस बार काल भैरवाष्टमी का पर्व 19 नवंबर, मंगलवार को है। भगवान शिव ने भैरव अवतार क्यों लिया, इससे जुड़ी कथा इस प्रकार है। शिवपुराण के अनुसार, एक बार भगवान शंकर की माया से प्रभावित होकर ब्रह्मा व विष्णु स्वयं को श्रेष्ठ मानने लगे।

मान्यतानुसार जिस स्थान पर माँ वैष्णो देवी ने भैरोनाथ का वध किया, वह स्थान 'भवन' के नाम से प्रसिद्ध है। इस स्थान पर देवी महाकाली (दाएँ), महासरस्वती (बाएँ) और महालक्ष्मी देवी (मध्य), पिण्डी के रूप में गुफा में विराजित है, इन तीनों पिण्डियों के इस सम्मिलित रूप को वैष्णो देवी का रूप कहा जाता है।