Sunday, 26 February 2023

Ma Lakshmi Pooja | Call Now+91918281718



जाने किस तरह से माँ लश्मी जी की पूजा करनी चाहिए, जिससे आपके ऊपर माँ लक्ष्मी जी कृपा बानी रहे | ऐसा करने इस होली के शुभ समय पर माँ लक्ष्मी होंगी प्रसन्न आपके व्यापर में बृद्धि होगी, माँ लक्ष्मी जी का होगा, आपके घर में प्रवेश जरूर करे ये
ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:। यह मां लक्ष्मी का बीज मंत्र है. इस मंत्र के जाप से सुख-समृद्धि आती है
माता लक्ष्मी का मूल मंत्र
ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः:।। सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए महालक्ष्मी के इस मंत्र का करीब 108 बार जाप करना शुभ साबित होगा।
लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: यह वैभव लक्ष्मी का मंत्र है,इस मंत्र का जाप 108 बार करने से व्यक्ति को लाभ मिलता है।
धनाय नमो नम: देवी मां के इस मंत्र का रोजाना 11 बार जाप करना चाहिए। ...
ॐ लक्ष्मी नम: इस मंत्र का अगर जाप किया जाए तो व्यक्ति के घर में लक्ष्मी का वास होता है.

Friday, 24 February 2023

Ma Kamakhya Mantra | Call Now+919118281718

 



कामाख्या देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए

माँ कामाख्या को कैसे प्रसन्न करे, इस होली पर कैसे होगा आपके परिवार में खुशिया ही खुशिया, कैसे होगी माँ कामाख्या खुश, होंगे आपके सभी काम
माँ कामाख्या को क्या प्रसाद क्या चढ़ाएं?
इस परिसर में होने वाले अधिकांश समारोहों में पशु बलि का उपयोग होता है। कामाख्या मंदिर में बकरे या भैंस की बलि देने को एक आम प्रथा के रूप में देखा जाता है। इस मंदिर परिसर में मादा पशु की बलि सख्त वर्जित है। मंदिर वशीकरण तंत्र के लिए भी जाना जाता है।
कामाख्या देवी की पूजा कैसे की जाती है?
पूजा विधि
माँ कामाख्या की पूजा करने से पहले पूजा स्थान या चौकी को साफ करके फूलों से सजा लें।
कन्याओं को अपने घर आमंत्रित करें।
कन्या पूजन करके उन्हें नए कपडे देकर भोजन करवाए।
आप माँ कामाख्या को प्रसन्न करने लिए भंडारे का आयोजन कर सकते है।
इसके बाद कामाख्या देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
ॐ नमो कामाक्षी देवी आमुकी में वंशं कुरु कुरु स्वः॥ विष्णुब्रह्मशिवैर्देवैर्धृयते या जगन्मयी । सितप्रेतो महादेवो ब्रह्मा लोहितपंकजम् ॥

Monday, 20 February 2023

Ma Kamakhya Mantra | Call Now+919118281718

 


जाने आज के समय में क्यों सब लोग परेशान है आर्थिक, मानशिक, शारीरिक बीमारी से बहुत उपाय कर रहे फिर भी समस्या ख़तम नहीं हो रही है, कहा कैसी गलती हो रही है आपसे, शादी विवाह, व्यापार, नौकरी , रिश्ते, पारिवारिक समस्या, माँ कामाख्या की पूजा कैरे ऐसे माँ कामाख्या आपके सभी समस्या को दूर करेंगी

ॐ ह्रीं ह्रीं श्रीं हूँ हूँ स्त्रीं स्त्रीं कामाख्ये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं हूँ हूँ स्त्रीं स्त्रीं स्वाहा ।
कामाख्या माता का मंत्र
ॐ नमो कामाक्षी देवी आमुकी में वंशं कुरु कुरु स्वः॥ विष्णुब्रह्मशिवैर्देवैर्धृयते या जगन्मयी । सितप्रेतो महादेवो ब्रह्मा लोहितपंकजम् ॥
कामाख्या देवी की विशेषता क
माता कामाख्या देवी मंदिर भी इन्हीं प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। बता दें कि इस स्थान पर देवी सती की योनी का भाग गिरा था। असम की राजधानी दिसपुर से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर इस मंदिर देश और दुनिया के लाखों

श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं
यह एक तांत्रिक देवी है और तांत्रिक सिद्धि प्राप्त करने के लिए ही इनकी पूजा की जाती है। देवी को कामाख्या पूजा से प्रसन्न किया जा सकता है। कामाख्या देवी माता सती का ही रूप है। कामाख्या मंदिर की गिनती, देश के 51 शक्तिपीठो में होती है।

Saturday, 18 February 2023

Mahakaleshwar Mantra | Call+919118281718


ऐसा इसलिए क्योंकि मृत्यु की दिशा दक्षिण मानी गई है । जैसा कि भगवान शिव का मुख दक्षिण की ओर है, यह प्रतीक है कि वे मृत्यु के स्वामी हैं। दरअसल लोग महाकालेश्वर की पूजा अकाल मृत्यु से बचने के लिए करते हैं- लंबी उम्र का आनंद लेने के लिए करते हैं।

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।। श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम, विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व, जय-जय करुणाब्धे, श्री महादेव शम्भो॥
महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मध्यप्रदेश राज्य के उज्जैन नगर में स्थित, महाकालेश्वर भगवान का प्रमुख मंदिर है। पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में इस मंदिर का मनोहर वर्णन मिलता है।

महाकालेश्वर की मूर्ति दक्षिणमुखी होने के कारण दक्षिणामूर्ति मानी जाती है। यह एक अनूठी विशेषता है, जिसे तांत्रिक परंपरा द्वारा केवल 12 ज्योतिर्लिंगों में से महाकालेश्वर में पाया जाता है। महाकाल मंदिर के ऊपर गर्भगृह में ओंकारेश्वर शिव की मूर्ति प्रतिष्ठित है।

Mahadev Mantra | Call+919118281718

 
शिव के 15 मंत्र, चारों तरफ से मिलेगी सफलता

सुख, शांति, धन, समृद्धि, सफलता, प्रगति, संतान, प्रमोशन, नौकरी, विवाह, प्रेम और बीमारी सभी के लिए सोमवार को इन मंत्रों को अवश्य जपें। यहां प्रस्तुत है 15 शिव शंभु के ऐसे मंत्र जिनका जप जीवन में हर तरह की शुभता, अनुकूलता और प्रगति लाता है।
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।। ऊँ नम: शिवाय।। ओम साधो जातये नम:।।
शिव को बिल्वपत्र, पुष्प, चन्दन का स्नान प्रिय हैं। इनकी पूजा के लिये दूध, दही, घी, गंगाजल, शहद इन पांच अमृत जिसे पञ्चामृत कहा जाता है, से की जाती है। शिव का त्रिशूल और डमरू की ध्वनि मंगल, गुरु से संबंधित हैं।

5 लाख बार जप
भगवान शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है क्योंकि वह अपने भक्तों पर जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। सावन में महामृत्युंजय मंत्र को पांच लाख बार जप करने से भगवान शिव साक्षात दर्शन देते हैं।

Thursday, 16 February 2023

Ma Kamakhya Vashikaran | Call Now+9118281718

 
जाने इस मंत्र से क्या क्या फायदा मिलता है आपको कैसी सहायता मिलती है ॐ ह्रीं नमः किसका मंत्र है?

'ॐ ह्रीं नमः'
इसके प्रभाव के बारे में बताया गया है कि यह प्रेमी या पति को प्रेमजाल में बांधकर रखने के लिए उपयोगी है। प्रेमियों या दंपती के बीच प्रेम-संबंध की मधुरता बनी रहे इसके लिए कामदेव के शाबर मंत्र की सहायता से प्रसन्न रखना आवश्यक है। जिसके लिए इस मंत्र का जाप करें।
सम्मोहन मंत्र क्या है?
मंत्र हैः- ओम रं श्रृं अमुकं वश्यमानाया हुं। यहां अमुकं शब्द के बदले उस प्रिय व्यक्ति का स्पष्ट नाम उच्चरित करें, जिसे अपने वश में करना चाहते हैं।
ॐ नमो कामाक्षी देवी आमुकी में वंशं कुरु कुरु स्वः॥ विष्णुब्रह्मशिवैर्देवैर्धृयते या जगन्मयी । सितप्रेतो महादेवो ब्रह्मा लोहितपंकजम् ॥


मंत्र- ऊं हुं श्रं हुं ऊं।।
मंत्र जाप करते समय मन में ऐसी भावना रखें कि आपको सम्मोहन शक्ति प्राप्त हो रही है, आपकी आंखों में विलक्षण शक्ति समा रही है। आप धीरे-धीरे सम्मोहन करने की शक्ति से परिपूर्ण हो रहे हैं। इस प्रकार आपको उपरोक्त मंत्र की पांच माला जपनी है।

Wednesday, 15 February 2023

Ma Kali Mantra | Call+919118281718


 इस तरह की सामान्य प्रथाएं राज्य में सबसे प्रतिष्ठित काली मंदिरों को बांधती हैं - जैसे कालीघाट, तारापीठ या दक्षिणेश्वर. कालीघाट, कोलकाता: 200 साल पुराना यह मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है

मां काली के मंत्रों का जाप
- ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥
महाकाली का मूल मंत्र क्या है?
क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं दक्षिण कालिके । क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा । ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा
काली माँ को खुश कैसे करे?
- 11 या 21 शुक्रवार मां कालिका के मंदिर जाएं. - लाल आसन पर बैठकर ॐ क्रीं नमः 108 बार जपें. - क्षमा मांगते हुए अपनी क्षमता अनुसार उन्हें चुनरी, नारियल, हार-फूल चढ़ाकर प्रसाद छोटी कन्याओं में बांटें. - माता कालिका की पूजा में लाल कुमकुम, अक्षत, गुड़हल के लाल फूल और भोग में हलवे या दूध से बनी मिठाई भी अर्पण करें.
काली मृत्यु, समय और प्रलय के दिन की हिंदू देवी हैं । वह अक्सर कामुकता और हिंसा से जुड़ी होती है लेकिन उसे एक मजबूत माँ की आकृति और मातृ प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है। काली शक्ति - स्त्री ऊर्जा, रचनात्मकता और उर्वरता का प्रतीक हैं - और महान हिंदू भगवान शिव की पत्नी पार्वती का अवतार हैं।

काली मां खून क्यों पीती है?
बंगाल की काली माता
क्योकि रक्तबीज का अंत करने के लिए माँ काली को उसका और उसके खून से उत्पन्न दैत्यों का खून पीना पड़ा था इसलिए तभी से माता काली राक्षसो को मारकर उनका खून पीने लगी।

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बालाजी मंदिर की क्या खासियत है?

दो पहाड़ियों के बीच स्थित इस मंदिर की बहुत मान्यता है. यहां बहुत विचित्र चीजें देखने को मिलती हैं. यहां देशभर से लोग भूत-प्रेत की बाधा से मुक्ति पाने के लिए बाला जी महाराज के चरणों में आते हैं. मेहंदीपुर बालाजी में प्रेतराज सरकार और भैरवबाबा यानी की कोतवाल कप्तान की प्रतिमा है.
बालाजी के नियम क्या है?
बालाजी की प्रकट होने की धारणा
यहाँ तीन देवों की प्रधानता है— श्री बालाजी महाराज, श्री प्रेतराज सरकार और श्री भैरव कोतवाल। यह तीन देव यहाँ आज से लगभग १००८ वर्ष पूर्व प्रकट हुए थे। इनके प्रकट होने से लेकर अब तक बारह महंत इस स्थान पर सेवा-पूजा कर चुके हैं और अब तक इस स्थान के तीन महंत इस समय भी विद्यमान हैं।

भक्त करते हैं यह नियम पालन
मेहंदीपुर बालाजी की मूर्ती के ठीक सामने भगवान राम-सीता की मूर्ती है, जिसके वह हमेशा दर्शन करते रहते हैं। यहां हनुमानजी बाल रूप में मौजूद है। यहां आने वाले सभी यात्रियों के लिए नियम है कि उन्हें कम से कम एक सप्ताह तक लहसुन, प्याज, अण्डा, मांस, शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए।

Khatu Shyam Ji | Call Now+919118281718

 
खाटू श्याम का क्या चमत्कार है?

"बाबा श्याम की नगरी अपने आप में एक चमत्कार है. | यहा दिन पर दिन श्याम भक्तो की संख्या और उनकी आस्था में इजाफा हो रहा है . बाबा श्याम की नगरी में कोई भक्त एक बार आके बाबा के दर्शन कर लेता तो हमेशा उनका बन जाता है और फिर बारम्बार यह धरती उसे खीच लाती है .
खाटू श्याम क्यों प्रसिद्ध है?
श्री कृष्ण वीर बर्बरीक के महान बलिदान से काफी प्रसन्न हुए और वरदान दिया कि कलियुग में तुम श्याम नाम से जाने जाओगे, क्योंकि उस युग में हारे हुए का साथ देने वाला ही श्याम नाम धारण करने में समर्थ है। उनका शीश खाटू नगर (वर्तमान राजस्थान राज्य के सीकर जिला) में दफ़नाया गया इसलिए उन्हें खाटू श्याम बाबा कहा जाता है।
खाटू श्याम बर्बरीक के रूप है। श्रीकृष्ण ने ही बर्बरीक को खाटूश्यामजी नाम दिया था। भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार खाटू श्यामजी खाटू में विराजित हैं। वीर घटोत्कच और मौरवी को एक पुत्ररतन की प्राप्ति हुई जिसके बाल बब्बर शेर की तरह होने के कारण इनका नाम बर्बरीक रखा गया।

बर्बरीक को 3 तीर किसने दिए थे?
बर्बरीक बचपन में भी बहुत वीर योद्धा था। उसने युद्ध कला अपनी माँ से सीखी थी। देवताओं (अष्टदेव) ने उन्हें तीन अचूक बाण दिए।

Tuesday, 14 February 2023

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धन की देवी माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए हिन्दू धर्मशास्त्रों में मंत्रों का जाप करने का विधान बताया गया है. माता के अलग-अलग मंत्रों के जाप से आर्थिक प्राप्तियां होती हैं और माता की अखंड कृपा से सभी कार्य सफलता पूर्वक सम्पन्न होते हैं.
धनाय नमो नम: देवी मां के इस मंत्र का रोजाना 11 बार जाप करना चाहिए। इससे व्यक्ति की धन संबंधित परेशानियां दूर होती हैं।
लक्ष्मी नारायण नम: इस मंत्र का जाप करने से दाम्पत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. पति-पत्नी के बीच का संबंध भी अच्छा बना रहता है.
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को सफलता प्राप्त होती है. मां लक्ष्मी की चांदी या अष्ट धातु की मूर्ति की पूजा करनी चाहिए.

ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:। ऊँ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।

Bageswar Bala Ji - Call +919118281718

 


इस प्रकार से करे हनुमान जी की पूजा होगी हनुमान जी कृपा आपके और आपके परिवार के ऊपर, धन व्यापार में बृद्धि होगी सुख शांति रहेगा

धनवान बनने के दस उपाय, बागेश्वर धाम के उपाय
उपाय २: गाये को प्रति दिन रोटी और गुड़ खिलाए ...
उपाय ३: शुक्रवार का अचूक उपाय ...
उपाय ४: शुक्रवार को अन्न दान करे ...
उपाय ५: शुक्रवार के दिन पीपल के पेड़ का पूजन करें ...
उपाय ६: बुधवार के दिन गणेश भगवान की पूजा करें ...
उपाय ७: कमलगट्टे की माला से माता लक्ष्मी के बीज मंत्र का जाप
मध्य प्रदेश में भूत भवन महादेव और स्वयंभू श्री बालाजी सरकार का चमत्कारी जीवंत स्थान बागेश्वर धाम है
बागेश्वर धाम ट्रेन से जाना चाहते हैं तो सबसे पास छतरपुर रेलवे स्टेशन अथवा खजुराहो रेलवे स्टेशन है। इस रेलवे स्टेशन से आपको टैक्सी या बस आसानी से मिल जाएंगे। छतरपुर रेलवे स्टेशन से बागेश्वर धाम की दूरी 25 किलोमीटर है।

बागेश्वर धाम मंदिर एक पुराना चमत्कारिक मंदिर है। यह मंदिर छतरपुर के पास बागेश्वर धाम में स्थित है और यह बालाजी का मंदिर है। यहां पर हनुमानजी के सामने ही महादेवजी का मंदिर है। बागेश्वर धाम मंदिर भगवान बालाजी का फेमस मंदिर है।

Monday, 13 February 2023

Hanuman Ji Mantra | Call+919118281718


 हनुमान जी के मंत्रो का जाप करने से आपके सभी समस्या हो जाएँगी दूर घर परिवार, व्यापार, शादी विवाह, ऐसे सभी समस्या होंगी दूर,

ओम हं हनुमंताय नम:. ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा। ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट। महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते।
हनुमान जी का गुरु मंत्र
ऊॅं वज्रकाय नम: मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं I वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
हनुमान जी का शक्तिशाली मंत्र क्या है?
मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठ। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ।। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र को सबसे प्रभावी मंत्र माना गया है. इस मंत्र के जाप से भक्तों को सुख एवं समृद्धि प्राप्त होती है.
रात को सोते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात् - गायत्री मंत्र में इतनी शक्ति होती है कि बुरे सपने का प्रभाव नष्ट कर देता है. रोजाना सोने से पहले इसके जाप से कभी बुरा सपना नहीं आता. अच्युतानन्त गोविन्द नामोच्चारणभेषजात्। नश्यन्ति सकला: रोगा: सत्यं सत्यं वदाम्यहम्।।

Saturday, 11 February 2023

Ma Durga Kavach | Call Now+919118281718

 

दुर्गा कवच के लाभ देवी कवच में शरीर के समस्त अंगों का उल्लेख है। देवी कवच पढते जाइये, और भगवती से कामना करते रहें कि हम निरोगी रहें:

ॐ नमश्चण्डिकायै। ॐ यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम्।
यन्न कस्य चिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह॥1॥
दुर्गा कवच का मंत्र क्या है?
दुर्गा कवच पाठ हिंदी दुर्गा कवच संस्कृत
सत्वं रजस्तमश्चैव रक्षेन्नारायणी सदा !
आयू रक्षतु वाराही धर्मं रक्षतु वैष्णवी !
यशः कीर्तिं च लक्ष्मीं च धनं विद्यां च चक्रिणी !
आयू रक्षतु वाराही धर्मं रक्षतु वैष्णवी !!
दुर्गा कवच से क्या लाभ होता है?
दुर्गा कवच व्यक्ति की असुरी शक्तियों से रक्षा प्रदान करता है।
व्यक्ति के सभी रोगो से सरंक्षण करता है।
सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाने में सहायक है।
यह हमारे बाहरी और आंतरिक अंगों की रक्षा करता है।
दुर्गा सप्तशती का कवच पाठ किये जाने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

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काली देवी के कवच को मूल संस्कृत में निम्न दिया जा रहा है और उसका हिन्दी में अर्थ भी दिया है । साधक को चाहिए कि पाठ करते समय मूल श्लोक संस्कृत का ही पाठ प्रयोग करें ।

कालीपूजा श्रुता नाथ भावाश्च विविध: प्रभो ।
इदानीं श्रोतुमिच्छामि कवचं पूर्वसूचितम् ।।
त्वमेव शरणं नाथ त्राहि मां दु:खसङ्कटात् ।
त्वमेव स्त्रष्टा पाता च संहर्ता च त्वमेव हि ।।
भैरवी ने कहा-हे नाथ ! हे प्राणवल्लभे, प्रभो ! मैने कालीपूजा और उसके विविध भाव सुने, अब पूर्व सूचित कवच सुनने की इच्छा हुई है, उसको वर्णन करके दुःख-संकट से मेरी रक्षा कीजिये । आप ही रचना कर रक्षा करते और संहार करते हो, हे नाथ ! आप ही मेरे आश्रय हो ।

भैरव उवाच
रहस्यं शृणु वक्ष्यामि भैरवि प्राणवल्लभे ।
श्रीजगन्मंगलं नाम कवचं मंत्रविग्रहम् ।
पठित्वा धारयित्वा च त्रैलोक्यं मोहयेत् क्षणात् ।।

Friday, 10 February 2023

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वशीकरण से क्या होता है?

माँ कामाख्या वशीकरण का प्रयोग सही से सच्चे मन से करने से आपको किसी भी प्रकार की समस्या आपको नहीं हो सकता, सारा काम होने लगेगा आपका
काला वशीकरण वास्तव में किसी भी नकारात्मक ऊर्जा का कारक बनता है। ये दरअसल वास्तु या ज्योतिष से न होकर तंत्र विद्या से संचालित किया जाता है। इससे किसी व्यक्ति को अपने वश में करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ना दी जाती है।
प्रेम के लिए कौन सा मंत्र जपना चाहिए?
कामदेव मंत्र - ओम कामदेवाय विद्महे, रति प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात्।
वशीकरण की देवी कौन सी है?
महाविद्या मातंगी, केवल मात्र वचन द्वारा त्रिभुवन में समस्त प्राणियों तथा अपने घनघोर शत्रु को भी वश में करने में समर्थ हैं। जिसे सम्मोहन क्रिया या वशीकरण कहा जाता हैं। देवी सम्मोहन विद्या की अधिष्ठात्री हैं।
प्रेम के लिए कौन सा मंत्र जपना चाहिए?
कामदेव मंत्र - ओम कामदेवाय विद्महे, रति प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात्।
ॐ ह्रीं नमः किसका मंत्र है?
'ॐ ह्रीं नमः'
इसके प्रभाव के बारे में बताया गया है कि यह प्रेमी या पति को प्रेमजाल में बांधकर रखने के लिए उपयोगी है। प्रेमियों या दंपती के बीच प्रेम-संबंध की मधुरता बनी रहे इसके लिए कामदेव के शाबर मंत्र की सहायता से प्रसन्न रखना आवश्यक है। जिसके लिए इस मंत्र का जाप करें।
त्रीं त्रीं त्रीं मंत्र क्या है?
ऊँ त्रीं त्रों त्रीं वशं त्रीं वश्या।
और इस बीजमंत्र का सात बार उच्चारण पूरे मन, वचन और श्रद्धापूर्वक करने के बाद आप लौंग को मुंह से निकालकर एक कागज पर प्रेमिका का नाम लिखकर लौंग को लड़की के नाम के ऊपर रख दें।

तस्वीर और यंत्र पर अपना ध्यान कंद्रित करें। उसके बाद स्फटिक या लाल चंदन की माला से निम्नलिखित मंत्र का 21 बार दोषरहित उच्चारण के साथ जाप करें। मंत्र हैः- ओम रं श्रृं अमुकं वश्यमानाया हुं। यहां अमुकं शब्द के बदले उस प्रिय व्यक्ति का स्पष्ट नाम उच्चरित करें, जिसे अपने वश में करना चाहते हैं।

Wednesday, 8 February 2023

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 भगवान शंकर के इस प्रकार से करे पूजा, सभी समश्याओ से मिलेगा छुटकारा,

सुख, शांति, धन, समृद्धि, सफलता, प्रगति, संतान, प्रमोशन, नौकरी, विवाह, प्रेम और बीमारी सभी के लिए सोमवार को इन मंत्रों को अवश्य जपें। यहां प्रस्तुत है 15 शिव शंभु के ऐसे मंत्र जिनका जप जीवन में हर तरह की शुभता, अनुकूलता और प्रगति लाता है।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ यह मंत्र बहुत ही शक्तिशाली है।
भगवान शिव का प्रिय मंत्र
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।।
शिव का शक्तिशाली मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
सबसे शक्तिशाली मंत्र

ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।।
1- यह मंत्र ईश्वर और सूर्य को समर्पित है।
2. दूसरा महामृत्युंजय मंत्र है-
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम्।

Monday, 6 February 2023

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इस काली मा के मंत्र से धन की प्राप्ति होती है?

ऐसे में कर्ज से छुटकारा पाने के लिए आप रोजाना 'ऊं ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा' मंत्र का जाप करें। इस मंत्र के जाप से आपको कर्ज से काफी राहत मिल सकती है।
मां काली को खुश करने के लिए क्या करें?
ज्योतिष के अनुसार, किसी भी मंगलवार के दिन मां काली को प्रसन्न करने के लिए काली माता के मंदिर में जाकर सभी तरह की बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए 3 माला माता के बीज मंत्र का जप करें। मंत्र- ।। ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हलीं ह्रीं खं स्फोटय क्रीं क्रीं क्रीं फट
क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥ यह मां काली का एकाक्षरी मंत्र है। इसका जप मां के सभी रूपों की आराधना, उपासना और साधना में किया जा सकता है।

क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं दक्षिण कालिके । क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा । ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा ।। यदि आपको मृत्यु का भय है तो उससे बचने के लिए आपको काली मां के इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए.

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मार्कण्डेय पुराण में ब्रह्माजी ने मनुष्यों के रक्षार्थ परमगोपनीय साधन, कल्याणकारी देवी कवच एवं परम पवित्र उपाय संपूर्ण प्राणियों को बताया, जो देवी की नौ मूर्तियां-स्वरूप हैं, जिन्हें 'नवदुर्गा' कहा जाता है। उनकी आराधना प्रतिपदा से महानवमी तक की जाती है।

ऐश्वर्य, सौभाग्य, आरोग्य, संपदा प्राप्ति एवं शत्रु भय मुक्ति के लिए
ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः।
शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥
आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्ति के चमत्कारिक फल देने वाले मंत्र को स्वयं देवी दुर्गा ने देवताओं को दिया है :-
देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्‌।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
विपत्ति नाश के लिए-
शरणागतर्दिनार्त परित्राण पारायणे।
सर्व स्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥
बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिए
इस मंत्र का जाप फलदायी है
सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यंति न संशय॥

श्री दुर्गा के निम्न मंत्र धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्रदान करने में सक्षम है। ऐसे ही स्रोत एवं मंत्र हैं, जिनके विधिवत पारायण से इच्छित मनोकामना की पूर्ति होती है।

Saturday, 4 February 2023

Hanuman Ji Mantra | Call Now+919118281718


ऐसा करे होंगे हनुमान जी प्रसन्न, सभी काम बनेंगेआपके, होगी मन की इच्छा पूरी, घर परिवार की सभी समस्या होगी दूर, धन व्यापार बढ़ेगा, शादी विवाह की समस्या खत्म होंगी, अपने इच्छा के अनुशार शादी होने में सहयोग मिलेगा, प्रेम विवाह करने में सहयोग ,

श्री हनुमते नमः का जाप करने से क्या होता है?
ऐसी स्थिति में ॐ हं हनुमते नमः का जाप करना चाहिए। मंत्र का जाप करने से डर, रोग, शत्रु अहंकार, क्रोध और कष्टों से मुक्ति मिलती है। और शारीर भी कष्टों से मुक्त हो जाता है। किसी भी नए काम की शुरुआत से करने से पहले यदि इस मंत्र का जाप किया जाए तो वह काम तरक्की के साथ, अच्छी प्रकार से चलता है।
ओम हं हनुमंताय नम:. ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा। ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट। महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते।
हनुमान जी का मूल मंत्र:-
ओम ह्रां ह्रीं ह्रं ह्रैं ह्रौं ह्रः॥ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्। ओम हं हनुमंताय नम:. ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा.

हनुमान जी का शक्तिशाली मंत्र
मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठ। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ।। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र को सबसे प्रभावी मंत्र माना गया है. इस मंत्र के जाप से भक्तों को सुख एवं समृद्धि प्राप्त होती है

Wednesday, 1 February 2023

Ma Kamakhya Tantra | Call Now+919118281718


 कामाख्या तंत्र क्या है?

एक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु ने सती के शरीर को सुदर्शन से अंग भंग कर दिया था और सती के अंग जिस-जिस स्थान पर गिरे, वह शक्ति पीठ के नाम से जाने जाते हं। माता सती की योनि कामुरु नामक स्थान पर गिरी थी जिसे आज कामाख्या देवीं के नाम से जाना जाता है, यह स्थान देवी के 51 शक्ति पीठों में सबसे शक्तिशाली पीठ माना जाता है।
ॐ नमो कामाक्षी देवी आमुकी में वंशं कुरु कुरु स्वः॥ विष्णुब्रह्मशिवैर्देवैर्धृयते या जगन्मयी । सितप्रेतो महादेवो ब्रह्मा लोहितपंकजम् ॥
त्रीं त्रीं त्रीं मंत्र क्या है?
ऊँ त्रीं त्रों त्रीं वशं त्रीं वश्या।
और इस बीजमंत्र का सात बार उच्चारण पूरे मन, वचन और श्रद्धापूर्वक करने के बाद आप लौंग को मुंह से निकालकर एक कागज पर प्रेमिका का नाम लिखकर लौंग को लड़की के नाम के ऊपर रख दें। और कागज को छत पर पानी की टंकी के पास रख दें। और फिर आप देखेंगे कि वह लड़की अथवा महिला आपसे प्रेम करने लगेगी।

मां कामाख्या की पूजा कैसे करें?
पूजा विधि
माँ कामाख्या की पूजा करने से पहले पूजा स्थान या चौकी को साफ करके फूलों से सजा लें।
कन्याओं को अपने घर आमंत्रित करें।
कन्या पूजन करके उन्हें नए कपडे देकर भोजन करवाए।
आप माँ कामाख्या को प्रसन्न करने लिए भंडारे का आयोजन कर सकते है।
इसके बाद कामाख्या देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।