Friday, 27 October 2023

Maa Laxmi Pooja | Call Now+919118281718

 इस दिवाली से कुछ ऐसी राशि वाले व्यक्ति है जिनके ऊपर माँ लक्मी की कृपा होगी भाग्य बदलेगा धन की कृपा होगा दिवाली की पूजा माँ लक्मी की पूजा करे इस प्रकार से और अपने लिए माँ लक्मी से प्रार्थना करे, माँ की कृपा जरूर होगी आपके ऊपर भाग्य बदले जायेगा
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माता लक्ष्मी का मूल मंत्र क्या है?
ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः:।। सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए महालक्ष्मी के इस मंत्र का करीब 108 बार जाप करना शुभ साबित होगा। ऊँ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
धनतेरस के दिन कितने दीपक जलाए जाते हैं?
वहां अकाल मृत्यु नहीं होती है. धनतेरस की शाम को मुख्य द्वार पर 13 और 13 ही दीप घर के अंदर जलाने चाहिए. इस दिन मुख्य दीपक रात को सोते समय जलाया जाता है. इस दीपक को जलाने के लिए पुराने दीपक का उपयोग किया जाता है.
चौमुखी दिया कब जलाया जाता है?
धनतेरस के दिन शाम को मां लक्ष्मी, कुबेर भगवान की पूजा करने के साथ यमराज की पूजा करने का विधान है। इस दिन शाम के समय दक्षिण दिशा में एक चौमुखा दीपक जलाया जाता है जिसे यम दीपक कहते हैं।
दीपक में लौंग डालकर जलाने से क्या होता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दीपक में लौंग डालने से धन आपकी ओर आकर्षित होता है. इसके साथ ही व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में मजबूती होती है. ऐसी माना जाता है कि अगर इस उपाय को निरंतर किया जाए, तो व्यक्ति को पैसों की कमी नहीं होती. वहीं, कहते हैं कि शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं.
इस साल अमावस्या तिथि 12 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट पर प्रारंभ होगी और 13 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी। दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में उचित माना गया है।

This Diwali, there are people with such zodiac signs who will be blessed by Maa Lakmi, their luck will change, they will be blessed with money, worship Maa Lakmi in this way and pray to Maa Lakmi for themselves, Maa Lakmi's blessings will definitely be on you. will be changed,
What is the basic mantra of Mata Lakshmi?
Om Shreem Hreem Shreem Kamle Kamlalaye Prasid Prasidh Shreem Hreem Shreem Om Mahalakshmi Namah. Chanting this mantra of Mahalakshmi about 108 times will prove auspicious to attain happiness, prosperity and wealth. Om Shree Clean Mahalakshmi Mahalakshmi, this is where all the blessings are showered on my body.
How many lamps are lit on Dhanteras?
There is no premature death there. On the evening of Dhanteras, 13 lamps should be lit at the main entrance and only 13 lamps should be lit inside the house. On this day the main lamp is lit at night before sleeping. An old lamp is used to light this lamp.
When is the four faced lamp lit?
On the day of Dhanteras, there is a tradition to worship Goddess Lakshmi and Lord Kuber along with worshiping Yamraj in the evening. On this day, in the evening, a four-faced lamp is lit in the south direction, which is called Yama Deepak.
What happens if you put cloves in a lamp and light it?
According to astrology, putting cloves in the lamp attracts money towards you. With this, the financial condition of the person gets strengthened. It is believed that if this remedy is followed continuously, then the person does not face shortage of money. At the same time, it is said that Shani Dev is pleased by lighting a mustard oil lamp on Saturday.
This year Amavasya Tithi will start on 12th November 2023 at 02:44 PM and will end on 13th November 2023 at 02:56 PM. Worshiping Lakshmi on Diwali is considered appropriate during Pradosh period.

Thursday, 26 October 2023

Family Problem Solution | Call Now+919118281718


 What will be the right thing for you to do in such difficult times, what is the solution, what will be the solution, which will bring blessings of happiness and peace for your family, may there be happiness in your family and no one should face any kind of difficulty or problem in your life, such a wish Maa Kamakhya Guru Vimal Ji does this for you and your family.

ऐसे कठिन समय आपके लिए क्या करना ठीक रहेगा, क्या समाधान है कैसे होगा समाधान जिससे आपके परिवार के लिए सुख शांति का आशीर्वाद मिले आपके परिवार मे खुशिया आये और कोई भी किसी भी प्रकार की कठिनाई, समस्या आपके जीवन में ना आये ऐसी कामना माँ कामाख्या से करते है आपके और आपके परिवार के लिए गुरु विमल जी.
कामाख्या देवी का मंत्र
क्लीं क्लीं कामाख्या क्लीं क्लीं नमः | प्रणाम मंत्र - कामाख्ये कामसम्पन्ने कामेश्वरि हरप्रिये । कामनां देहि मे नित्यं कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥
आपके पास ऐसे समस्या आ जाती है जिससे आपको बहुत से समस्या का सामना करना होता है पारिवारिक समस्या जैसे पति पत्नी के बिच झगड़े होने लगते है ये झगड़ा कभी परिवार को लेकर कभी आपके माता पिता के साथ विवाद भाई बहन के साथ आपको परिवार में सभी के साथ रिस्ता सही लेकर चलना होता है लेकिन ऐसा क्या समस्या होने लगता है जो आपके जीवन को उलझा कर रख देता है ऐसा क्यों हो रहा है आपको आगे बढ़ने में आपको रूकावट बन जाता है जिंदगी पारिवारिक समस्या में ही उलझी रहती है ऐसे समश्याओ से आने वाले भविष्य पर बहुत बुरा अशर पड़ता है जैसे बच्चो को सही दिशा नहीं मिल पाती जिससे बच्चे आपके अपने सही दिशा से भटकने लगते है
ऐसे समस्या को कैसे दूर किया जाये ऐसा क्यों हो रहा है आपके साथ इस समस्या को कैसे दूर किया जाये क्या रास्ता सही होगा जिससे अपने आप को और अपने परिवार को एक अच्छा जीवन शैली बच्चो को भी सही परवरिश मिले, सुख शांति मिले काम व्यापार नौकरी सब सही चले जिससे आपका जीवन सही चले.
You come across such problems due to which you have to face many problems, family problems like fights start happening between husband and wife, these fights are sometimes related to the family, sometimes disputes with your parents, with siblings, you have to face problems with everyone in the family. Relationships have to be maintained properly, but what kind of problem starts arising which complicates your life? Why is this happening? It becomes an obstacle for you to move ahead. Life remains entangled in family problems. Those who come from such problems. It has a very bad impact on the future as children do not get the right direction due to which children start deviating from their right direction.
How to overcome such a problem? Why is this happening to you? How to overcome this problem? What would be the right path so that you and your family can have a good lifestyle and children also get proper upbringing, happiness and peace? Work, Business, Job. May everything go well so that your life goes well.

Wednesday, 25 October 2023

Maa Chandi | Call Now+919118281718

 चंडी पाठ को दुर्गा सप्तशती भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि चंडी पाठ करना बेहद ही शुभ माना जाता है। इसका पाठ कार्य सिद्धि, अभय प्राप्ति और त्रिबिध तापों से मुक्ति प्रदान करने वाला है। इसमें मां के तीन चरित्र प्रथम चरित्र, मध्यम चरित्र और उत्तम चरित्र का वर्णन किया गया है।

चंडी पाठ में कुल 700 श्लोक हैं. दुर्गा सप्तशती में अध्याय एक से तेरह तक 3 चरित्र विभाग हैं. ये श्लोक खुद में ऐसे वैज्ञानिक सूत्र हैं जो अपने शब्दों के संयोजन की ध्वनि से शरीर में रसायनिक प्रकिया के ज़रिये इंसान की आंतरिक शक्ति को बढ़ाते हैं. खासकर नवरात्रि काल में इसका विशेष महत्व होता है.
चंडी माता की उत्पत्ति कैसे हुई?
चंडी देवी विश्व के पौराणिक मन्दिरों में से एक है। दुष्टों के संहार के लिए महाकाली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती इन तीनों देवियों ने मां चंडी का रूप लिया था। देवताओं पर अत्याचार के बाद जब मां चंडी ने दुष्टों का संहार किया तो उसके बाद मां चंडी ने हरिद्वार में ही निवास किया।
चंडी का मंत्र
हर जगह से लाभ और लाभ के लिए श्री मंगल चंडी मंत्र -
॥ ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं सर्व पूज्य देवी मंगल चंडिके ऐ क्रम फट् स्वाः ॥
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
किवदंती के अनुसार कहा जाता है कि पांच पांडव अपने 12 वर्ष के वनवास के दौरान घूमते हुए यहां पर आए थे और चंडी माता का मंदिर देखा यहां पर ठहराव किया। कहा जाता है कि यहां पर अर्जुन ने पेड़ की शाखा पर बैठकर मां की तपस्या की थी, जिससे खुश होकर माता चंडी ने अजुर्न को तेजस्वी तलवार व जीत का वरदान दिया था।
चंडी माता किसका रूप है?

चंडी देवी को काली देवी की तरह माना जाता है और प्रायः इनके उग्र रूप की पूजा की जाती है. अश्विन और चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्रि में चंडी पूजा विशेष समारोह के साथ मनाया जाता है. पूजा के लिए ब्राह्मण की ओर से मंदिर के मध्य स्थान को गोबर और मिट्टी से लीप कर मिट्टी के एक कलश की स्थापना की जाती है.

Thursday, 19 October 2023

Maa Kamakhya Temple | Call Now+919118281718


 कामाख्या मंदिर एक ऐसा शक्तिपीठ मंदिर है, जहां माता सती की योनि गिरी थी। इसलिए यहां माता के योनि रूप की पूजा होती है। मंदिर न केवल इसके लिए, बल्कि काला जादू उतारने के लिए भी जाना जाता है। यहां दूर-दराज से लोग काला जादू उतारने के लिए आते हैं।

कामाख्ये कामसम्पन्ने कामेश्वरि हरप्रिये ।
कामनां देहि मे नित्यं कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥
अनुज्ञा मंत्र -
कामदे कामरुपस्थे सुभगे सुरसेविते ।
कामाख्ये कामसम्पन्ने कामेश्वरि हरप्रिये । कामनां देहि मे नित्यं कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥
देवी को प्रसन्न करने के लिए ऐसा कोई ख़ास मंत्र तो नहीं है, लेकिन जब हम मां कामाख्या को प्रणाम करते हैं तो यह मंत्र 'कामाख्या वरदे देवी नील पर्वतवासिनी त्वं देवी जगन्नमाता योनी मुद्रे नमोस्तुते. ' बोलते हैं. मां की पूजा जब कामेश्वरी के रूप में करते हैं, तब 'कामाख्ये काम संपन्ने कामेश्वरी हर प्रिये..कामाख्या मंदिर से लाल कपड़े का क्या करें?
उनके मासिक धर्म को ध्यान में रखते हुए उन्हें लाल रेशमी कपड़े के टुकड़े भी चढ़ाए जाते हैं। लाल कपड़े के टुकड़ों को रक्तबस्त्र कहा जाता है। चौथे दिन, मंदिर को बड़े उत्सव के साथ फिर से खोला जाता है। भक्तों को प्रसाद के रूप में रक्तबस्त्र दिया जाता है।

Friday, 13 October 2023

Maa Kali Mantra | Call Now+919118281718

 


क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्॥ माना जाता है कि इस पंचाक्षरी मंत्र का जाप प्रतिदिन प्रात:काल में 108 बार किया जाये तो मां काली साधक के सभी दुखों का निवारण करके उसके यहां धन-धान्य की वृद्धि करती हैं। पारिवारिक शांति के लिए भी इस मंत्र का जप किया जाता है। क्रीं कालिके स्वाहा॥

इस नवरात्रि में माँ काली की पूजा इस प्रकार से करे , माँ काली होंगी खुश आपके सभी समस्या हो जाएगी ख़त्म ,घर परिवार में सुख शांति होगा, आपके घर परिवार की समस्या दूर होंगी , मन चाहा होगा पूरा , भूत प्रेत बाधा ख़तम होगा , बिगड़े काम बनेंगे , शादी विवाह की समस्या खतम हो जायेगा काम , व्यापार आपको कामयाबी मिलेगा
मां काली को नींबू क्यों चढ़ाया जाता है?
यहां मनोकामना पूर्ति के लिए माता को भक्त नींबू की माला चढ़ाते हैं। यह माला 11, 21 और 51 नींबू की होती है। हर शनिवार को करीब 350 से 450 भक्त नींबू की माला माता को भक्तों द्वारा अर्पित की जाती है। अर्पित नींबू का उपयोग फूल-पत्तियों के साथ खाद्य बनाने के लिए किया जाता है।
5 सप्ताक्षरी काली मंत्र
सप्ताक्षरी काली मंत्र- ॐ हूँ ह्रीं हूँ फट् स्वाहा का जाप मां काली के साथ साथ भगवान शिव (भगवान शिव का पाठ) के भैरव रूप को प्रसन्न करता है। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति को अपार बल और शक्ति का आशीर्वाद मिलता है।
मां काली की पूजा रात में की जाती है।
फिर एक चौकी लें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं।
इनके साथ गणेश जी को विराजित करें और सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें।
फिर मां को लाल चुनरी अर्पित करें।
इसके बाद मां को तिलक, हल्दी, रोली और कुमकुम भी लगाएं |
मां के आगे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

Wednesday, 4 October 2023

Narsimha Dev | Call Now+9118281718

 


नरसिम्हा देव के इस मंत्र का जप करके 108 बार किसमिश या मिश्री या तुलसी के पत्ते को 108 बार चढ़ाये फिर देखिये आपके जीवन में कैसा बदलाव होता है

नरसिंह मंत्र
ॐ नमो भगवते तुभ्य पुरुषाय महात्मने हरिंऽद्भुत सिंहाय ब्रह्मणे परमात्मने। ॐ उग्रं उग्रं महाविष्णुं सकलाधारं सर्वतोमुखम्। नृसिंह भीषणं भद्रं मृत्युं मृत्युं नमाम्यहम्।
नरसिंह कवचम के क्या फायदे हैं?
ऐसा कहा जाता है कि यह उन लोगों को सुरक्षा और आशीर्वाद प्रदान करता है जो इसे भक्तिपूर्वक पढ़ते हैं, और नकारात्मक ऊर्जाओं और बाधाओं को दूर करने में विशेष रूप से शक्तिशाली माना जाता है। कवचम में सभी इच्छाओं को पूरा करने की क्षमता है, यह ग्रहों के बुरे प्रभाव, काले जादू और बुरी नजर को दूर करता है।
नरसिंह नाम के ही अनुसार इस अवतार में भगवान का रूप आधा नर यानी मनुष्य का है और आधा शरीर सिंह यानी शेर का है। राक्षस हिरण्यकश्यप ने भगवान की तपस्या कर के चतुराई से वरदान मांगा था। जिसके अनुसार उसे कोई दिन में या रात में, मनुष्य, पशु, पक्षी कोई भी न मार सके। पानी, हवा या धरती पर, किसी भी शस्त्र से उसकी मृत्यु न हो सके।
नरसिंह मंत्र क्या है?

नरसिंह मंत्र
नृसिंह भीषणं भद्रं मृत्युं मृत्युं नमाम्यहम्।
नरसिंह भगवान को क्या पसंद है?
भगवान नृसिंह को लाल पुष्प अर्पित करें. - एक लाल रेशमी धागा भी अर्पित करें. - उनके सामने घी का चौमुखी दीपक जलाएं. - इसके बाद विशेष मन्त्र का जाप करें.

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