Friday, 30 December 2022

Ma Kamakhya Vashikaran | Call Now+9118281718

 


इस साल होगा माँ कामाख्या का ऐसा चमत्कार, इस प्रकार से करे माँ कामाख्या की पूजा आपके और आपके परिवार मे होगा खुशियों की वर्षा, भूत प्रेत दूर भागेंगे, किस्मत भी आपका साथ देगी, व्यापर में सहयोग मिलेगा, , विवाह होने में समस्या,प्रेम विवाह में समस्या, आपके सभी समस्याओ का समाधान माँ कामाख्या से प्राप्त कर सकते है, ऐसा करके

ॐ नमो कामाख्या देव्यै अमुक मां वश्य कुरु स्वाहा: इस मंत्र का जप रात में एकांत में करें। मंत्र जाप से पहले अपने सामने कामाख्या देवी की मूर्ति या फिर चित्र रखें।
कामाख्या माता का मंत्र क्या है?
की पूजा कर कामाख्या मन्त्र का 'जप' करना चाहिए। 'जप' के बाद निम्न प्रकार से 'प्रार्थना' करनी चाहिए। कामाख्ये काम-सम्पन्ने, कामेश्वरि! हर-प्रिये
कामाख्या देवी का वशीकरण मंत्र है?
तस्वीर और यंत्र पर अपना ध्यान कंद्रित करें। उसके बाद स्फटिक या लाल चंदन की माला से निम्नलिखित मंत्र का 21 बार दोषरहित उच्चारण के साथ जाप करें। मंत्र हैः- ओम रं श्रृं अमुकं वश्यमानाया हुं। यहां अमुकं शब्द के बदले उस प्रिय व्यक्ति का स्पष्ट नाम उच्चरित करें, जिसे अपने वश में करना चाहते हैं।
मां कामाख्या की सिद्धि करें?

कामाख्या मंत्र क्या है? करोमि दर्शनं देव्या:, सर्व-कामार्थ-सिद्धये॥ कामाख्या देवी के इस प्रार्थना मंत्र से आप कामाख्या देवी को प्रसन्न कर सकते हैं जो भी व्यक्ति मां कामाख्या को प्रसन्न करना चाहता है वह इस मंत्र को सिद्ध करके हासिल कर सकता है इस कामाख्या मंत्र का जाप करना अनिवार्य माना जाता है।

Tuesday, 27 December 2022

Maihar Ma | Call Now+9118281718

 


माँ शारदा की होगी कृपा आप सभी के ऊपर आपके परिवार के ऊपर ऐसी मान्यता है कि माता वैष्णवी है तथा सात्विक शारदा सरस्वती का साक्षात स्वरूप है। जो अध्यात्मिक क्षेत्र में बुद्धि, विद्या एवं ज्ञान की प्रदायनी देवी मानी जाती है। मां शारदा मंदिर पिरामिड आकार की पहाडी पर स्थित है।

सर्वदा सर्वदास्माकमं सन्निधिमं सन्निधिमं क्रियात्। ' भावार्थ : शरद काल में उत्पन्न कमल के समान मुखवाली और सब मनोरथों को देने वाली मां शारदा समस्त समृद्धियों के साथ मेरे मुख में सदा निवास करें।
आइए आपको बताते हैं मां शारदा के 11 सरल नाम।
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मां शारदा के 11 सरल नाम-
जय मां शारदा
जय मां सरस्वती
जय मां भारती
जय मां वीणावादिनी
जय मां बुद्धिदायिनी
जय मां हंससुवाहिनी
जय मां वागीश्वरी
जय मां कौमुदीप्रयुक्ता

मैहर की कहानी है?
माना जाता है कि यहां मां सती का हार गिरा था इसीलिए इसकी गणना शक्तिपीठों में की जाती है। करीब 1,063 सीढ़ियां चढ़ने के बाद माता के दर्शन होते हैं। पूरे भारत में सतना का मैहर मंदिर माता शारदा का अकेला मंदिर है। कहते हैं कि दोनों भाइयों ने ही सबसे पहले जंगलों के बीच शारदादेवी के इस मंदिर की खोज की थी।
पूरे भारत में सतना का मैहर मंदिर माता शारदा का अकेला मंदिर है। कहते हैं कि दोनों भाइयों ने ही सबसे पहले जंगलों के बीच शारदादेवी के इस मंदिर की खोज की थी। आल्हा ने यहां 12 वर्षों तक माता की तपस्या की थी। आल्हा माता को शारदा माई कहकर पुकारा करते थे इसीलिए प्रचलन में उनका नाम शारदा माई हो गया।

Saturday, 24 December 2022

Banglamukhi Kavach | Call Now+919118281718

 
देवी बगलामुखी दसमहाविद्या में आठवीं महाविद्या हैं यह स्तम्भन की देवी हैं। संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्ति का समावेश हैं माता बगलामुखी शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद विवाद में विजय के लिए इनकी उपासना की जाती है। इनकी उपासना से शत्रुओं का नाश होता है तथा भक्त का जीवन हर प्रकार की बाधा से मुक्त हो जाता है। हर साल वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बगलामुखी जयंती मनाई जाती है |

माता बगलामुखी का बीज मंत्र है?
'ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलयं बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा। '
दस महाविद्याओं में अष्टम स्वरूप माता बगलामुखी का है। इनका ध्यान बगुला पक्षी की तरह एकाग्र है। इसलिए इन्हें बगलामुखी कहते हैं। विशेष रूप से मां का पूजन शत्रु पर विजय, राजनीतिक जीत, बच्चों की शिक्षा, मुकदमों में विजय के लिए किया जाता है।
मंत्र के जप रात्रि के 10 से प्रात: 4 बजे के बीच करें। - दीपक की बाती को हल्दी या पीले रंग में लपेट कर सुखा लें। - साधना में छत्तीस अक्षर वाला मंत्र श्रेष्ठ फलदायी होता है। - साधना अकेले में, मंदिर में, हिमालय पर या किसी सिद्ध पुरुष के साथ बैठकर की जानी चाहिए।

बगलामुखी चालीसा के पाठ से लाभ माँ बगलामुखी चालीसा के पाठ से साधक को माँ बगलामुखी की परम कृपा की प्राप्ति होती है. शत्रुओं से परेशान हैं तो माता बगलामुखी की कृपा से शत्रुओं से मुक्ति मिलेगी. माँ बगलामुखी चालीसा के पाठ से साधक के अंदर से भय का नाश हो जाता है|

Friday, 23 December 2022

Hanuman Ji Kavach | Call Now+919118281718

 
हनुमान जी एक ऐसे देवता है जो कलयुग में साक्षात् धरती पर रहने का वरदान मिला है करयुग में हर समस्या का समाधान संकट मोचन महाबली हनुमान जी की सच्ची भक्ति और भाव से पूजा करने पर आपके सभी समस्या का समाधान मिलेगा| आपके सभी कष्टों को दूर करते है महाबली हनुमान

हनुमान जी को बुलाने का मंत्र है?
– हनुमान बीज मंत्र: ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नम:
भगवान श्रीराम के परमभक्त( हनुमान्, आंजनेय और मारुति के नाम से भी जानते है।) सबसे लोकप्रिय अवधारणाओं और भारतीय महाकाव्य रामायण में सबसे महत्वपूर्ण पात्रों में एक हैं। वह भगवान शिवजी के सभी अवतारों में सबसे बलवान और बुद्धिमान माने जाते हैं|
बहुत कम लोग जानते हैं कि हनुमान जी के बचपन का नाम मारुति था, जो दरअसल उनका सबसे पहला व असली नाम था। * देवी अंजना के पुत्र होने से इन्हें अंजनी पुत्र व आंजनेय भी कहा जाता है। तो वही पिता केसरी के नाम से भी इन्हें जाना जाता हैं।
रामायण के अनुसार वे श्रीराम के अत्यधिक प्रिय हैं। इस धरा पर जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी हैं। हनुमान जी का अवतार भगवान राम की सहायता के लिये हुआ। हनुमान जी के पराक्रम की असंख्य गाथाएँ प्रचलित हैं। इन्होंने जिस तरह से राम के साथ सुग्रीव की मैत्री कराई और फिर वानरों की मदद से असुरों का मर्दन किया, वह अत्यन्त प्रसिद्ध है।
उनका निवास स्थान भारत के तमिलनाडु जिले में रामेश्वरम के पास, गंधमादन पर्वत कहा जाता है। हमारे पास इस क्षेत्र में भगवान हनुमान को समर्पित एक मंदिर है। हालाँकि, यह हमेशा कहा जाता है कि हनुमान उन सभी स्थानों पर निवास करते हैं जहाँ राम की महिमा गाई जाती है।
वर्तमान युग में हनुमान जी की साधना को तुरंत फल देने वाली साधना कहा गया है। इसी कारण से हनुमान जी जन-जन के देवता कहलाते हैं। इनकी पूजा अर्चना बेहद सरल है और इनके मंदिर भी हर जगह बने हुए है। मानव जीवन का सबसे बड़ा दुःख भय है और हनुमान जी का जो भी नाम स्मरण करता है वो भय से सदैव मुक्त हो जाता है। हनुमान साधना के लिए कुछ नियम शास्त्रों में बताए गए हैं।
1 - हनुमान की जी सेवा में शुद्धता बेहद जरूरी है। प्रसाद शुद्ध घी का बना हुआ होना चाहिए।
2 - हनुमान जी को हमेशा तिल के तेल में ही मिले हुए सिंदूर का लेपन किया जाता है। कई जगह शुद्ध घी लेने का भी विधान है।
3 - हनुमान जी को केसर के साथ घिसा हुआ लाल चंदन भी लगाना चाहिए।
4 - पुष्पों में लाल और पीले बड़े फूल अर्पित करें। कमल का फूल और सूर्यमुखी का फूल अर्पित करने पर हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।
5 - सुबह के पूजन में गुड़,नारियल का गोला और लड्डू अर्पित करे। दोपहर में गुड़,घी,चूरमा और रोट अर्पित करें। शाम की पूजा में आम,अमरुद और केला आदि फलों का प्रसाद चढ़ाएं।
6 - हनुमान जी की साधना में ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य है।
7 - जो भी प्रसाद हनुमान जी को अर्पित किया जाए उसे साधक को अवश्य ग्रहण करना चाहिए।
8 - मंत्र जप सदैव बोलकर करें,हनुमान जी के समक्ष उनके नेत्रों की और देखते हुए मंत्रों का जाप करें।
9 - साधना में 2 प्रकार की माला ली जाती है। सात्विक साधना के लिए रुद्राक्ष की माला और तामसी साधना के लिए मूंगे की माला का प्रयोग करें।
10 - मंगलवार को हनुमान की विशेष साधना का नियम है। अनुष्ठान इसी दिन करें। बाकी शनिवार को भी हनुमत पूजा का विधान है।

हनुमत साधना से ग्रह अनुकूल होते हैं। सूर्य और हनुमान जी एक दूसरे के स्वरूप है इसलिए हनुमत साधना करने वाले जातक में सूर्य तत्व आता है। उसके अंदर सूर्य जैसा तेज,आत्मविश्वास और ओज आ जाता है। यही तेज उस व्यक्ति को सामान्य व्यक्ति से अलग करते हैं। भगवान हनुमान जी कृपा पाने और उनको प्रसन्न करने के लिए रोजना हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।

Wednesday, 21 December 2022

Mahakaleshwar Ji | Call Now+919118281718

 
महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मध्यप्रदेश राज्य के उज्जैन नगर में स्थित, महाकालेश्वर भगवान का प्रमुख मंदिर है। पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में इस मंदिर का मनोहर वर्णन मिलता है।

महाकाल का मंत्र है?
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय
उज्जयिनी के श्री महाकालेश्वर भारत में बारह प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं। महाकालेश्वर मंदिर की महिमा का विभिन्न पुराणों में विशद वर्णन किया गया है। कालिदास से शुरू करते हुए, कई संस्कृत कवियों ने इस मंदिर को भावनात्मक रूप से समृद्ध किया है।
महाकालेश्वर की मूर्ति दक्षिणमुखी होने के कारण दक्षिणामूर्ति मानी जाती है। यह एक अनूठी विशेषता है, जिसे तांत्रिक परंपरा द्वारा केवल 12 ज्योतिर्लिंगों में से महाकालेश्वर में पाया जाता है। महाकाल मंदिर के ऊपर गर्भगृह में ओंकारेश्वर शिव की मूर्ति प्रतिष्ठित है।
महाकाल मंदिर के सामने से बारात क्यों नहीं निकलती?
महाकाल मंदिर के सामने से कोई बारात नहीं निकलती क्योंकि बाबा के सामने कोई घोड़े पर सवारी नहीं कर सकता .

महाकाल का प्रसाद क्या है?
उज्जैन में महाकाल का प्रसाद लड्‌डू खास है। लड्‌डू को फाइव स्टार हाइजीन रेटिंग दिया गया है। हर दिन 50 क्विंटल तक लड्‌डू तैयार किए जाते हैं। महाकाल मंदिर हाइजिन में फाइव स्टार रेटिंग पाने वाला देश का पहला मंदिर यूं ही नहीं बना है।

Tuesday, 20 December 2022

Mahadev Ji | Call Now+919118281718

 


ऐसे करे होगी महादेव जी की कृपा, भोलेनाथ जी आपके और आपके परिवार पर खुश हो गए तो आपका कोई कुछ भी नहीं बिगड़ सकता, बहुत प्रेत भी, क्यों की महाकाल है जिससे काल भी डरता है

ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।। ऊँ नम: शिवाय।। ओम साधो जातये नम:।।
भोलेनाथ को प्रसन्न करने का सा मंत्र है?
तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
यह शिव गायत्री मंत्र (Shiv Gayatri Mantra) है जिसे सर्वशक्तिशाली माना जाता है. इसे व्यक्ति को सुख और शांति की प्राप्ति होती है.
सबसे शक्तिशाली मंत्र सा है?
शास्त्रों में गायत्री मंत्र को बेहद शक्तिशाली बताया गया है. यही नहीं इसे महामंत्र कहा गया है. गायत्री मंत्र 'ॐ भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्' 24 अक्षरों से बना

इस मंत्र से मनोकामना पूरी होती है?
ॐ ह्रीं नमः!
इस मंत्र का जाप आप किसी एकांत जगह पर बैठकर करें. इसके लिए सुबह या शाम का कोई भी समय चुन सकते हैं. आप इस मंत्र का जाप 108 बार करें.

Kamiya Sindoor | Call Now+919118281718

 


इसे बोलचाल की भाषा में कमिया सिंदूर भी कहा गया है, जो कामरुप कामाख्या क्षेत्र में ही पाया जाता है. इसे आसानी से हासिल नहीं किया जा सकता है. इसकी प्राप्ति विशेष तरह के मंत्र के 108 बार जाप से सिद्ध किया जाता है. उसके बाद ही विवाहिताएं इसका इस्तेमाल मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए करती हैं.

इस तरह करें नकली सिंदूर की पहचान
नकली सिंदूर की पहचान करने के लिए इसे एक चुकटी लें और हाथों की हथेली में लें. इसके बाद इसे हाथ में रगड़े. इसके बाद इसे फूंक मारकर उड़ा दे. अगर सिंदूर हाथ में चिपका रह गया तो यह नकली सिंदूर है
अनामिका (रिंग फिंगर) हाथ की तीसरी उंगली होती है. जो मध्यमा और कनिष्ठा के बीच में होती है. अनामिका उंगली से तिलक लगाने से मानसिक शक्ति प्रबल होती है, क्योंकि इसका संबंध सीधे सूर्य देव से होता है. इससे तिलक लगाने से आज्ञा चक्र जागृत होता है.
नमक और पान के पत्ते से शत्रु का नाश करें
इस हवन में पान के पत्ते पर सिंदूर से नाम लिखकर रख ले और नमक हाथ में लेकर शत्रु का नाम लेकर हवन में 108 बार मंत्र पढ़ते हुए अर्पण करें इसके बाद पान के पत्ते को उस हवन कुंड में जला दें।
कामाख्या, देवी या शक्ति के प्रधान नामों में से एक नाम है। यह तांत्रिक देवी हैं और काली तथा 'त्रिपुर सुन्दरी' के साथ इनका निकट समबन्ध है। इनकी कथा का उल्लेख कालिका पुराण और योगिनी तंत्र में विस्तृत रूप से हुआ है। समूचे असम और पूर्वोत्तर बंगाल में शक्ति अथवा कामाक्षी की पूजा का बड़ा महात्म्य है।

टॉयलेट में नमक डालने का फायदा
इससे परिवार में प्यार बढ़ता हैं. तथा गृहक्लेश दूर होता हैं. ऐसा करने से घर में कभी भी नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती हैं. तो इस तरीके से आप टॉयलेट में नमक रखकर आप यह दोनों फायदे का लाभ उठा सकते हैं.

Sunday, 18 December 2022

Ma Durga Mantra | Call Now+919118281718


पुराण और संहिता शास्त्रों के अनुसार कलयुग का तारक महामंत्र है। उन्होंने मंत्र और महामंत्र में भेद बताते हुए कहा कि जिन मंत्रों में ऊं, क्लीं, नम:, स्वाहा शब्द होते हैं उन्हें मंत्र कहा जाता है जबकि जिन मंत्रों में साक्षात् भगवान का ही नाम होता है उसे महामंत्र कहा जाता है।
मां दुर्गा का मंत्र है
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
दुर्गा सप्तशती का मूल मंत्र है
सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोस्तु ते।। देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
दुर्गा सप्तशती का मूल मंत्र है
सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोस्तु ते।। देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
नवरात्रि के लिए मंत्र अच्छा है
ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
मां दुर्गा से प्रार्थना करें
दासोयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि॥ आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्‌। पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि॥ मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि।
कौन सा मंत्र जल्दी सिद्ध होता है?
ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः ।। जीवन के हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए श्री हनुमान मंत्र का नियमित जप करना चाहिए।

सबसे पुराना मंत्र कौन सा है?
भारत में सबसे पहले मंत्रों की रचना वैदिक संस्कृत में की गई थी। अपने सरलतम रूप में, ॐ (ओम्, ओम) शब्द एक मंत्र के रूप में कार्य करता है, यह माना जाता है कि यह पहली ध्वनि है जो पृथ्वी पर उत्पन्न हुई थी।

Ma Kamakhya Mantra | Call Now+919118281718

 


ऐसा करने से होगा आपका सभी काम ,यह मंत्र का प्रयोग तब करना है, जब आपके किसी काम में व्यापार में परिवार में बाधा हो रही है समस्या आ रही है, कोई काम नहीं बन रहा है, उस समय माँ कामाख्या मंत्र का जब करे आपके सभी काम पूरे होंगे |

कामाख्या देवी का वशीकरण मंत्र ह | अगर आप नजर दोष और तंत्र बाधा और नकारात्मक शक्तियों से बचना चाहते हैं शत्रु से बचना चाहते हैं तो इस मंत्र का प्रयोग करें कामख्या मंत्र-
स्त्रीं स्त्रीं स्त्रीं कामख्ये प्रसीद स्त्रीं स्त्रीं स्त्रीं ह्र।
कामाख्ये कामसम्पन्ने कामेश्वरि हरप्रिये ।
कामनां देहि मे नित्यं कामेश्वरि नमोऽस्तु ते ॥
मंत्र जल्दी काम करता है, जीवन के हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए श्री हनुमान मंत्र का नियमित जप करना चाहिए।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः ।।


Saturday, 17 December 2022

Ma Banglamukhi Mantra | Call Now+919118281718


 स्फटिक श्री यंत्र घर में यंत्र रखना चाहिए

स्फटिक से बना श्री यंत्र, दक्षिणावर्ती शंख, गोमती चक्र एवं तुलसी पत्र जिस घर में हों वहां धन और ऐशवर्य की कोई कमी नहीं होती है। स्फटिक के श्रीयंत्र को समस्त प्रकार के श्रीयंत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। वास्तु निवारण के लिए स्फटिक श्री यंत्र श्रेष्ठतम माना जाता है।

मां बगलामुखी का बीज मंत्र है?
'ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलयं बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा।
मां बगलामुखी की की कृपा से साधक को जीवन में यश, कीर्ति, विद्या, सुख, संपत्ति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. देवी के इस पावन स्वरूप की साधना करने पर साधक को कोर्ट-कचहरी के मामलों से लेकर राजनीति के मैदान तक में विजय प्राप्त होती है
बगलामुखी या बगला (संस्कृत: बगलामुखी) हिंदू धर्म में दस तांत्रिक देवताओं के एक समूह, महाविद्याओं (महान ज्ञान/विज्ञान) के अवतार का स्त्री रूप है । देवी बगलामुखी भक्त की भ्रांतियों और भ्रमों (या भक्त के शत्रुओं) को अपने डंडे से तोड़ देती हैं।



मां बगलामुखी की पूजा के लिए चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाएं और मां को पीले रंग का फूल, फल और मिठाई का भोग लगाएं. इसके माता बगलामुखी की चालीसा पढ़ें और फिर आरती करें. शाम के समय मां मां बगलामुखी की कथा का पाठ करें. मां बगलामुखी जयंती पर व्रत करने वाले भक्त शाम के समय फल खा सकते हैं.

Friday, 16 December 2022

Ma Kali Mantra | Call Now+919118281718

 


कालीघाट शक्तिपीठ या कालीघाट काली मन्दिर (बांग्ला: কালীঘাট মন্দির) काली मां को नींबू क्यों चढ़ाया जाता है?

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा। *एकाक्षर मंत्र : क्रीं - इसे चिंतामणि काली का विशेष मंत्र भी कहा जाता है।
इसी के साथ माता हर तरह की मनोकामना भी पूर्ति करती हैं । पूजा के साथ माता को इतने नींबूओं की माला पहनाने से सभी शत्रुओं का नाश हो जाता हैं ।
कोलकाता स्थित काली देवी का मन्दिर है। यह भारत की ५१ शक्तिपीठों में से एक है। इस शक्तिपीठ में स्थित प्रतिमा की प्रतिष्ठा कामदेव ब्रह्मचारी (सन्यासपूर्व नाम 'जिया गंगोपाध्याय') ने की थी। यह मंदिर काली भक्तों के लिए सबसे बड़ा मंदिर है।


काली मंदिर का दूसरा नाम है?
दक्षिणेश्वर मंदिर देवी माँ काली के लिए ही बनाया गया है। दक्षिणेश्वर माँ काली का मुख्य मंदिर है।
देवी महाकाली एक स्वरूप श्मशान काली का है जो विनाश करती हैं और दूसरी सौम्यमूर्ति भद्रकाली हैं जो सुख समृद्धि प्रदान करती हैं। लेकिन श्मशान में देवी काली की एक ऐसी मूर्ति है जो श्मशान काली होते हुए भी सबकी मुरादें पूरी करती हैं। आइए जानें देवी काली की इसी दिव्य मूर्ति के बारे में।

Lakshami Devi | Call Now+919118281718

 


महालक्ष्मी नाम का मतलब कैसे होती है माँ लक्ष्मी जी प्रसन्न,कैसे आपके व्यापार में होगी बृद्धि

आपको बता दें कि महालक्ष्मी का मतलब देवी लक्ष्मी, लक्ष्मी महान, विष्णु के पत्नी, वह कोल्हापुर में इष्टदेव है, वह एक दैत्य महल कहा जाता है को नष्ट कर दिया है, इसलिए वह mahalsa या महालक्ष्मी कहा जाता है होता है।
लक्ष्मी जी का मंत्र है
ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः:।। सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए महालक्ष्मी के इस मंत्र का करीब 108 बार जाप करना शुभ साबित होगा। ऊँ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
लक्ष्मी और महालक्ष्मी के रूप
लक्ष्मी जी भगवान विष्णु से जुड़ी होती हैं तो उन्हें लक्ष्मी या श्रीदेवी के रूप में माना जाता है। मूर्ति में उन्हें दो भुजाओं के साथ दिखाया जाता है। जब अकेले और अपनी सभी व्यक्तिगत स्त्री की महिमा के साथ वह महालक्ष्मी के रूप में जानी जाती हैं और अपने ही मंदिर प्रतिष्ठापित होती हैं।
लक्ष्मी को कितनी लड़कियां थी?



माता लक्ष्मी के 8 रूप ये हैं- आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी।

Wednesday, 14 December 2022

Hanuman Ji | Call Now+919118281718

 


मान्यता है कि तुलसी अर्पित करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के संकटों से रक्षा करते हैं। यदि मंगलवार के दिन हनुमान जी को तुलसी अर्पित की जाए तो घर में सुख समृद्धि का वास होता है और धन संबंधित समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी का दिन माना जाता है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा और 'ऊं श्री हनुमते नमः' का जाप करने से लाभ होता है। इस मंत्र का जाप करने से आपके भीतर शक्ति का संचार होता है, और मनवांडित फल की प्राप्ति होती है।
हनुमान जी को बुलाने का मंत्र
– ओम नमो हनुमते रुद्रावतराय वज्रदेहाय वज्रनखाय वज्रसुखाय वज्ररोम्णे वज्रनेत्राय वज्रदंताय वज्रकराय वज्रभक्ताय रामदूताय स्वाहा. – ओम नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसहांरणाय सर्वरोगाय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा. – हनुमान अष्टदशाक्षर मंत्र: 'नमो भगवते आन्जनेयाये महाबलाये स्वाहा



बजरंग बली के 12 चमत्कारी नाम :
ॐ हनुमान
ॐ अंजनी सुत
ॐ वायु पुत्र
ॐ महाबल
ॐ रामेष्ठ
ॐ फाल्गुण सखा
ॐ पिंगाक्ष
ॐ अमित विक्रम

Tuesday, 13 December 2022

Salasar Bala Ji | Call Now+919118281718


यहाँ होती है सभी मनोकामनाएं पूरी, बालाजी और हनुमान जी में क्या अंतर है? हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज को ही बाला जी कहा जाता है, क्योंकि बाला जी का संबंध कुआं से यानी पाताल लोक से है।


सालासर बालाजी के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर की स्थापना मोहनदास महाराज ने विक्रम संवत 1811 में श्रावण शुक्ल नवमी को की थी। ऐसी मान्यता है कि मोहनदासजी भक्ति से प्रसन्न होकर हनुमानजी आसोटा में मूर्ति रूप में प्रकट हुए और अपने भक्त की मनोकामना पूर्ण की। तत्पश्चात मूर्ति की सालासर में प्राण प्रतिष्ठा हुई।




इस मंदिर में बालाजी के परम भक्त मोहनदास जी की समाधि स्थित है तथा मोहनदास जी द्वारा प्रज्जवलित अग्निकुंड धूनी भी मौजूद है। मान्यता है कि इस अग्नि कुंड की विभूति समस्त दूखों एवं कष्टों को दूर कर देती है। सालासर बालाजी मंदिर में हनुमान जयंती, राम नवमी के अवसर पर भंडारे और कीर्तन इत्यादि का विशेष इंतजाम होता है

Monday, 12 December 2022

Kashi Vishwanath Mantra | Call Now+919118281718

 
काशी विश्वनाथ मंदिर सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है. यह भगवान शिव को समर्पित है. यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है जो इसे शिव के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक बनाता है. मंदिर के प्रमुख देवता श्री विश्वनाथ हैं जिसका अर्थ है ब्रह्मांड के भगवान

काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक है। यह वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत में स्थित है। यह मंदिर पवित्र नदी गंगा के पश्चिमी तट पर स्थित है, और बारह ज्योतिर्लिंगस में से एक है, जो शिवमेटल के सबसे पवित्र हैं।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में स्थित भगवान शिव का यह मंदिर हिंदूओं के प्राचीन मंदिरों में से एक है, जोकि गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। कहा जाता है कि यह मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती का आदि स्थान है।
जब देवी पार्वती अपने पिता के घर रह रही थीं जहां उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था. देवी पार्वती ने एक दिन भगवना शिव से उन्हें अपने घर ले जाने के लिए कहा. भगवान शिव ने देवी पार्वती की बात मानकर उन्हें काशी लेकर आए और यहां विश्वनाथ-ज्योतिर्लिंग के रूप में खुद को स्थापित कर लिया.
जिसका जीर्णोद्धार 11 वीं सदी में राजा हरीशचन्द्र ने करवाया था और वर्ष 1194 में मुहम्मद गौरी ने ही इसे तुड़वा दिया था। जिसे एक बार फिर बनाया गया लेकिन वर्ष 1447 में पुनं इसे जौनपुर के सुल्तान महमूद शाह ने तुड़वा दिया।
सर्वतीर्थमयी एवं सर्वसंतापहारिणी मोक्षदायिनी काशी की महिमा ऐसी है कि यहां प्राणत्याग करने से ही मुक्ति मिल जाती है। भगवान भोलानाथ मरते हुए प्राणी के कान में तारक-मंत्र का उपदेश करते हैं, जिससे वह आवगमन से छुट जाता है, चाहे मृत-प्राणी कोई भी क्यों न हो। मतस्यपुराण का मत है कि जप, ध्यान और ज्ञान से रहित एवंम दुखों परिपीड़ित जनों के लिये काशीपुरी ही एकमात्र गति है। विश्वेश्वर के आनंद-कानन में पांच मुख्य तीर्थ हैं:-





दशाश्वेमघ,
लोलार्ककुण्ड,
बिन्दुमाधव,
केशव और
मणिकर्णिका
और इनहीं से युक्त यह अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है

Sunday, 11 December 2022

Ma Kamakhya Vashikaran | Call Now+919118281718

 


माँ कामाख्या जी के दर्शन से ही होगी सभी समस्या आपसे दूर ,माँ कामाख्या एक ऐसी देवी है आप किसी भी प्रकार की समस्या से परेशान है यदि आप माँ कामाख्या की पूजा अर्चना सच्चे मन से करते है तो होंगी आपकी सभी समस्या दूर

ॐ नमो कामाक्षी देवी आमुकी में वंशं कुरु कुरु स्वः॥ विष्णुब्रह्मशिवैर्देवैर्धृयते या जगन्मयी । सितप्रेतो महादेवो ब्रह्मा लोहितपंकजम् ॥

कामाख्या, देवी या शक्ति के प्रधान नामों में से एक नाम है। यह तांत्रिक देवी हैं और काली तथा 'त्रिपुर सुन्दरी' के साथ इनका निकट समबन्ध है। इनकी कथा का उल्लेख कालिका पुराण और योगिनी तंत्र में विस्तृत रूप से हुआ है। समूचे असम और पूर्वोत्तर बंगाल में शक्ति अथवा कामाक्षी की पूजा का बड़ा महात्म्य है।
कामाख्या देवी का रहस्य


कहते है, की कामाख्या देवी के तीन दिन के मासिक धर्म के कारण इसका पानी तीन दिनों के लिए लाल रंग का होता है। कामाख्या देवी मंदिर का रहस्य मान्यता है, की माता के तीन दिन के मासिक धर्म के दौरान मंदिर के अंदर सफेद रंग का कपड़ा रख दिया जाता है। और इस 3 दिन मंदिर को बंध रखते है।