खाटू श्याम का क्या चमत्कार है?
"बाबा श्याम की नगरी अपने आप में एक चमत्कार है. | यहा दिन पर दिन श्याम भक्तो की संख्या और उनकी आस्था में इजाफा हो रहा है . बाबा श्याम की नगरी में कोई भक्त एक बार आके बाबा के दर्शन कर लेता तो हमेशा उनका बन जाता है और फिर बारम्बार यह धरती उसे खीच लाती है .
खाटू श्याम क्यों प्रसिद्ध है?
श्री कृष्ण वीर बर्बरीक के महान बलिदान से काफी प्रसन्न हुए और वरदान दिया कि कलियुग में तुम श्याम नाम से जाने जाओगे, क्योंकि उस युग में हारे हुए का साथ देने वाला ही श्याम नाम धारण करने में समर्थ है। उनका शीश खाटू नगर (वर्तमान राजस्थान राज्य के सीकर जिला) में दफ़नाया गया इसलिए उन्हें खाटू श्याम बाबा कहा जाता है।
खाटू श्याम बर्बरीक के रूप है। श्रीकृष्ण ने ही बर्बरीक को खाटूश्यामजी नाम दिया था। भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार खाटू श्यामजी खाटू में विराजित हैं। वीर घटोत्कच और मौरवी को एक पुत्ररतन की प्राप्ति हुई जिसके बाल बब्बर शेर की तरह होने के कारण इनका नाम बर्बरीक रखा गया।
बर्बरीक बचपन में भी बहुत वीर योद्धा था। उसने युद्ध कला अपनी माँ से सीखी थी। देवताओं (अष्टदेव) ने उन्हें तीन अचूक बाण दिए।
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