Saturday, 18 February 2023

Mahakaleshwar Mantra | Call+919118281718


ऐसा इसलिए क्योंकि मृत्यु की दिशा दक्षिण मानी गई है । जैसा कि भगवान शिव का मुख दक्षिण की ओर है, यह प्रतीक है कि वे मृत्यु के स्वामी हैं। दरअसल लोग महाकालेश्वर की पूजा अकाल मृत्यु से बचने के लिए करते हैं- लंबी उम्र का आनंद लेने के लिए करते हैं।

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।। श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम, विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व, जय-जय करुणाब्धे, श्री महादेव शम्भो॥
महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मध्यप्रदेश राज्य के उज्जैन नगर में स्थित, महाकालेश्वर भगवान का प्रमुख मंदिर है। पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में इस मंदिर का मनोहर वर्णन मिलता है।

महाकालेश्वर की मूर्ति दक्षिणमुखी होने के कारण दक्षिणामूर्ति मानी जाती है। यह एक अनूठी विशेषता है, जिसे तांत्रिक परंपरा द्वारा केवल 12 ज्योतिर्लिंगों में से महाकालेश्वर में पाया जाता है। महाकाल मंदिर के ऊपर गर्भगृह में ओंकारेश्वर शिव की मूर्ति प्रतिष्ठित है।

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