Thursday, 16 March 2023

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 बाबा विश्वनाथ जी प्रसन्न होते है, करते है ऐसी कृपा जिससे आपके शभी दुःख तकलीफ को नष्ट कर करते है, घर परिवार में सुख शांति रहती है धन व्यापर में बृद्धि होती है

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ का मंदिर के स्पर्श मात्र से ही राजसूय यज्ञ का फल प्राप्त होता है. कहते हैं कि एक बार मंदिर के दर्शन और गंगा में स्नान करने मात्र से ही व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।। ऊँ नम: शिवाय।। ओम साधो जातये नम:।।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर पिछले कई हजार वर्षों से वाराणसी में स्थित है। काशी विश्वनाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशिष्ट स्थान है। ऐसा माना जाता है कि एक बार इस मंदिर के दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्नान कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
यह ज्योतिर्लिंग पवित्र गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। काशी या वाराणसी को भगवान शिव और पार्वती का दूसरा घर माना जाता है । अपनी शादी के बाद वे काशी में रहने के लिए सर्दियों के महीनों में कैलाश छोड़ देते थे। काशी में दिव्य युगल के निवास से पार्वती के माता-पिता प्रसन्न नहीं थे।

शिव को बिल्वपत्र, पुष्प, चन्दन का स्नान प्रिय हैं। इनकी पूजा के लिये दूध, दही, घी, गंगाजल, शहद इन पांच अमृत जिसे पञ्चामृत कहा जाता है, से की जाती है। शिव का त्रिशूल और डमरू की ध्वनि मंगल, गुरु से संबंधित हैं।

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