नवरात्र के मौके पर दुर्गा सप्तशती के पाठ का विशेष अध्यात्मिक महत्व है. दुर्गा सप्तशती के तेरह अध्यायों से पहले तीन प्रथम अं
गों- कवच, अर्गला और कीलक स्तोत्र का भी पाठ किया जाता है. 'कवच' का अर्थ है- सुरक्षा घेरा. इसमें देवी की वह अमोघ शक्तियां हैं, जिनका स्मरण करने मात्र से मनोवैज्ञानिक तरीके से लाभ होता है
गों- कवच, अर्गला और कीलक स्तोत्र का भी पाठ किया जाता है. 'कवच' का अर्थ है- सुरक्षा घेरा. इसमें देवी की वह अमोघ शक्तियां हैं, जिनका स्मरण करने मात्र से मनोवैज्ञानिक तरीके से लाभ होता है
माँ दुर्गा को कैसे खुश करे?
- नौ दिनों तक घर में मां दुर्गा के नाम की ज्योत अवश्य जलाएं। - अधिक से अधिक नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै' का जाप अवश्य करें। - इन दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें। - पूजन में हमेशा लाल रंग के आसन का उपयोग करना उत्तम होता है।
नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै' का जाप अधिक से अधिक अवश्य करें।
मां दुर्गा का शक्तिशाली मंत्र कौन सा है?
या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
मां दुर्गा को बुलाने का मंत्र क्या है?
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
No comments:
Post a Comment