Sunday, 23 July 2023

Jivdani Devi | Call+91918281718

 


जीवदानी माता की ऐसी कृपा होती है अपने भक्तो पर, जीवदानी माता अपने भक्तो को जीवन दान देती है, कैसी भी समस्या हो माँ जीवदानी आपके सभी समशयो का खात्मा करती है रोग, दोष, आर्थिक परेशानी, व्यापार में समस्या, घर में समस्या दुष्मन से समस्या, बच्चे की समस्या, ऐसे नस्ट करती है माँ जीवदानी देवी

माँ जीवदानी देवी मंत्र
जन दुख हरनि नास करहिं, जीवन तम अति घोर।। पर्वत की चोटी पर बसी चौदह भुवन की स्वामिनी, जन-जन का दुःख हरनेवाली! आप जीवन के अत्यन्त घोर अन्धकार का नाश करती हैं। जय जय जगदम्बे जिवदानी।
माँ जीवदानी देवी का अस्तित्व उस समय से है जब भगवान शिव अपनी पत्नी सती के शव को ले जा रहे थे और उनका शरीर टुकड़ों में बिखर गया था जो दुनिया भर में 52 स्थानों पर गिरा जिससे यह 'शक्तिपीठ' बन गया। यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है जो समुद्र तल से लगभग 1500 फीट ऊपर है।

जीवदानी माता मंदिर की स्थापना का श्रेय महाभारत काल में पांडवों को जाता है. लोकोक्ति है कि अपने वनवास के दौरान पांचो पांडव यहाँ आये थे और इस मंदिर की स्थापना की थी. उस दौरान पांडवों ने वैतरणी नदी के निकट इस क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी एकवीरा का पूजन किया था और आस-पास के पर्वतों पर कई गुफाओं का निर्माण भी किया था.

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