क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्॥ माना जाता है कि इस पंचाक्षरी मंत्र का जाप प्रतिदिन प्रात:काल में 108 बार किया जाये तो मां काली साधक के सभी दुखों का निवारण करके उसके यहां धन-धान्य की वृद्धि करती हैं। पारिवारिक शांति के लिए भी इस मंत्र का जप किया जाता है। क्रीं कालिके स्वाहा॥
धन प्राप्ति और काम नहीं हो रहा प्यापार नहीं चल रहा, माँ काली का मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ
वशीकरण करने के लिए मंत्र
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