शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के मंदिर में शंख, कौड़ी, कमल का फूल, मखाने, बताशे, खीर और गुलाब का इत्र चढ़ाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं और घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती है। शुक्रवार के दिन काली चींटियों को चीनी डालें।
लक्ष्मी प्राप्ति का मंत्र
आइए जानते हैं कि क्या हैं मंत्र. ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:। ऊँ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।
महालक्ष्मी मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
इस मंदिर का निर्माण 1831 में एक हिंदू व्यापारी धाकजी दादाजी ने करवाया था। महालक्ष्मी मंदिर में त्रिदेवियों महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की प्रतिमाएं हैं। तीनों छवियां नाक की अंगूठियों, सोने की चूड़ियों और मोतियों के हार से सुशोभित हैं।
महालक्ष्मी मंत्र स्तुति
मेधा लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु कलि कल्मष नाशिनि। प्रज्ञां देहि श्रियं देहि सर्व कामांश्च देहि मे। गज लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्वदेव स्वरूपिणि।
ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः:।। सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए महालक्ष्मी के इस मंत्र का करीब 108 बार जाप करना शुभ साबित होगा। ऊँ श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।

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