Sunday, 6 August 2023

Vaishno Devi | Call+919118281718


वैष्णो देवी या श्री माता वैष्णो देवी मंदिर, हिन्दू मान्यता अनुसार, माँ आदिशक्ति दुर्गा स्वरूप माँ वैष्णो देवी जिन्हे त्रिकुटा और वैष्णवी नाम से भी जाना जाता है, देवी को समर्पित मुख्य पवित्रतम हिन्दू मंदिरों में से एक है, जो भारत केेे जम्मू और कश्मीर के जम्मू सम्भाग में त्रिकुट पर्वत पर स्थित है।
वैष्णो देवी मंत्र
जय माता नमस्तस्यै नमो नमः ॥ त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी ।
माता वैष्णो देवी को प्रसन्न करें?
इन विशेष मंत्रों से प्रसन्न होती है मां वैष्णो देवी
अनिष्ट-हर्ता गृहाणेदं भगवती भक्त-वत्सला।। ॐ श्री वैष्णवी नमः। ...
अनन्तं पुण्यफ़ल दमतः शान्ति प्रयच्छ मे।। ...
दध्या-नीतं मया स्नानार्थ प्रति-गृहयन्ताम्।। ...
मया-हृताणि-पुष्पाणि गृहायन्ता पूजनाय भो।।
इस धार्मिक स्थल की आराध्य देवी, वैष्णो देवी को सामान्यतः माता रानी, वैष्णवी, दुर्गा तथा शेरावाली माता जैसे अनेक नामो से भी जाना जाता है। यहा पर आदिशक्ति स्वरूप महालक्ष्मी, महाकाली तथा महासरस्वती पिंडी रूप मे त्रेता युग से एक गुफा मे विराजमान है और माता वैष्णो देवी स्वयं यहा पर अपने शाश्वत निराकार रूप मे विराजमान है। वेद पुराणो के हिसाब से ये मंदिर 108 शक्ति पीठ मे भी शामिल है।
मान्यतानुसार, भैरोनाथ का वध करने पर उसका शीश भवन से 3 किमी दूर जिस स्थान पर गिरा, आज उस स्थान भैरो मंदिर के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि अपने वध के बाद भैरोनाथ को अपनी भूल का पश्चाताप हुआ और उसने देवी से क्षमा माँगी। मान्यतानुसार, वैष्णो देवी ने भैरोनाथ को वरदान देते हुए कहा कि "मेरे दर्शन तब तक पूरे नहीं माने जाएँगे, जब तक कोई भक्त मेरे बाद तुम्हारे दर्शन नहीं करेगा।" भैरो बाबा का यह मंदिर, वैष्णोदेवी मंदिर से ३ किमी की दूरी पर स्थित है।


No comments:

Post a Comment