मन को शांत और अपने हिसाब से रखना बहुत मुश्किल हो जा रहा है, मन किसी की भी इच्छा करने लगता है, ऐसा नहीं होना चाहिए, क्यों की अपने हिसाब से रहने पर सारे काम सही होते है, मन जरुरत से ज्यादा और फिजूल की को ओर जाने लगे, आपको लगता है हमारे लिए सही नहीं है गलत है फिर भी मन भटके, तो उसे लगाम लगाने का सबसे अच्छा तरीका है, की मन और दिमाक को शान्त रखने के लिए गायत्री मंत्र का जाप करे, माँ दुर्गा देवी के मंत्रो जाप करे, और पूजा करे उससे आपका मन, बुद्धि शान्त रहेगा, सोचने समझने की क्षमता बढ़ेगा, सही दिशा में जायेगा, सही काम करेगा, कोई अनैतिक काम नहीं करेगा, अच्छे-अच्छे बिचार आएंगे, जीवन में सही काम होगा, सही दिशा में रहेंगे, तो कोई कठिनाई जीवन में नहीं आएगा,
(१) ॐ (२) भूर्भव: स्व: (३) तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
दुर्गा मंत्र:
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
सर्वशक्तिमान मंत्र:
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
शक्ति बीज मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाय विच्चे।
एक अक्षर का बीज मंत्र:
ॐ दुं दुर्गायै नमः।
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