भूत प्रेत नाशक मंत्रों में हनुमान जी के मंत्र सबसे प्रचलित हैं, जैसे कि "ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय पंचवदनाय दक्षिण मुखे कराल बदनाय नारसिंहाय सकल भूत प्रेत दमनाय रामदूताय स्वाहा" और "ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्"। इसके अलावा, कुछ अन्य मंत्र और उपाय भी बताए गए हैं, जिनमें बागेश्वर धाम का मंत्र और भूमंडित मंत्र शामिल हैं। इन मंत्रों का जाप श्रद्धा और विश्वास से करने पर भूत-प्रेत की बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
हनुमान जी के मंत्र:
मंत्र 1:
"ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय पंचवदनाय दक्षिण मुखे कराल बदनाय नारसिंहाय सकल भूत प्रेत दमनाय रामदूताय स्वाहा"।
मंत्र 2:
"ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्"। इस मंत्र का जाप मंगलवार और शनिवार को 1100 बार करना शुभ माना जाता है।
मंत्र 3:
"ॐ नमो भगवते महाबलाय पराक्रमा भूत प्रेत पिशाचाय साकनी डाकनी यक्ष भूतना पूतना मारी महामारी यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसाधिकम क्षण हन हन भंजय भंजय मारे मारे शिक्षय शिक्ष महामारेश्वर रुद्रावतार हुम फट स्वाहा"।
अन्य मंत्र और उपाय:
बागेश्वर धाम सरकार का मंत्र:
"ॐ बम बागेश्वराय वीर वीराय हुम फट स्वाहा"।
भूतनाथाय मंत्र:
"ऐं क्रीं क्रीं ख्रिं ख्रिं खींची खींची भूतनाथाय ख्रिं ख्रिं फट्"।
भूत-प्रेत बाधा के लिए अन्य उपाय:
हनुमान चालीसा का पाठ: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
कपूर और लौंग का प्रयोग: अमावस्या की रात में चांदी के कटोरे में कपूर और लौंग जलाकर पूरे घर में दिखाएं।
साबुत नमक का प्रयोग: भूत-प्रेत से ग्रसित व्यक्ति के सिर से सात बार साबुत नमक घुमाकर चौराहे पर फेंक दें।
धतूरा और चिड़चिड़ा का पौधा: पुष्य नक्षत्र में धतूरा या चिड़चिड़ा का पौधा जड़सहित धरती में दबाने से भूत बाधा दूर होती है।
महत्वपूर्ण बात:
किसी भी मंत्र का जप श्रद्धा और विश्वास के साथ करना चाहिए। यदि आप किसी गंभीर समस्या से ग्रस्त हैं, तो किसी योग्य ज्योतिषी या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना सबसे अच्छा है।
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