जय माँ कामाख्या करे माँ कामाख्या के आशीर्वाद से अपनी सुरक्षा
क्या आप जानते है आपका प्यार भरा रिस्ता क्यों ख़राब हो रहा आप जिसे प्यार करते है वो दूर हो जा रहा है एक दूसरे को देखना नहीं चाहते कही दूसरे जगह रिस्ता हो जा रहा है ऐसा बहुत से लोगो के साथ हो रहा है ऐसा कलयुग के प्रभाव के कारण ऐसी समस्या हो रहा है कलयुग के बुरे प्रभाव से बचने के लिए माँ कामाख्या के कवच का प्रयोग करे जीवन में आ रही समस्या और बाधा को दूर करेगा आपके रिस्तो को बचाने में माँ कामाख्या का आशीर्वाद मिलेगा माँ कामाख्या कवच एक अत्यंत शक्तिशाली तांत्रिक कवच है, जिसका पाठ करने से भय, शत्रुओं, तांत्रिक क्रियाओं और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है। यह कवच कामाख्या देवी, जो दसों महाविद्याओं की अधिष्ठात्री हैं, को समर्पित है। इसका नियमित पाठ जीवन में सुख, समृद्धि, सुरक्षा और शक्ति प्रदान करता है। बाधाओं को दूर करता है
।। श्री कामाख्या कवचम् ।।
विनियोग:
ॐ अस्य श्रीकामाख्याकवचस्य बृहस्पतिऋषि:, अनुष्टुप छंद:, श्रीकामाख्या देवता, मम समस्तकार्यसिद्धये जपे विनियोगः।
कवच (मूल श्लोक):
कामाख्या मे शिरः पातु, भालं देवी तथैव च।
नेत्रे तारिणि मे रक्षेत्, कर्णौ श्रीभैरवी तथा॥
नासिकां सर्वदा पातु, जिह्वां मे धूम्रलोचना।
कण्ठं मे पातु वरदा, हृदयं ललिता सदा॥
बाहुं मे चण्डिका पातु, करौ मे करवीरिणी।
स्तनौ मे पातु कौमारी, हृदयं मे महेश्वरी॥
नाभिं गुह्यं च मे रक्षेत्, पादौ श्रीभुवनेश्वरी।
सर्वाङ्गं मे सदा पातु, कामाख्या परमेश्वरी॥
रक्षाहीनं तु यत्स्थानं वर्जितं कवचेन च।
तत्सर्वं रक्षितं देवि त्वया त्रैलोक्य-वन्दिते॥
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