Thursday, 28 December 2023

Baba Amaranath | Call Now+919118281718


अमरनाथ जी की दर्शन करने से सभी मनोकामनएं पूरी होती है, भक्तो के सारी समश्याए खत्म हो जाती है सरे दुःख दर्द छोड़ देते है, ऐसी कृपा बाबा अमरनाथ जी की होरी है अपने भक्तो पर तभी तो लाखो की भीड़ होती है, अमरनाथ गुफा का रहस्य यह है कि, यहां शिवलिंग प्राकृतिक रूप से बनता है. यानी यहां शिवलिंग का निर्माण नहीं किया जाता, बल्कि स्वयं शिवलिंग बनती है. गुफा की छत से बर्फ की दरार से पानी की बूंदें टपकती है, जिससे बर्फ का शिवलिंग बनता है.

कहा जाता है कि हजारों साल पहले कश्मीर की घाटी पानी के नीचे थी और कश्यप ऋषि ने इसे विभिन्न नदियों और नालों के बीच से निकाला। उसी समय के दौरान, भृगु ऋषि ने हिमालय का दौरा किया और पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन करने वाले पहले व्यक्ति बने। इसके बाद, ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी और वहीं से यह तीर्थ स्थल बन गया।
बर्फ की मात्रा के कारण यह गुफा हिंदू तीर्थयात्रियों के लिए एक पवित्र स्थान है। गुफा के अंदर मौजूद बर्फ के खंभे को बर्फ का लिंगम भी कहा जाता है, जो भगवान शिव का प्रतीक है। दो छोटे बर्फ के डंठल उनकी पत्नी पार्वती और उनके पुत्र गणेश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

गुफा में बर्फीले पानी की बूंदें लगातार टपकती रहती हैं, इन्हीं बूंदों से लगभग यहां बर्फ का शिवलिंग बन जाता है। ये शिवलिंग पूरी तरह प्राकृतिक रूप से ही बनता है। जानिए बाबा अमरनाथ से जुड़ी कथा और खास बातें बाबा अमरनाथ की गुफा का पौराणिक महत्व काफी अधिक है।

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