Wednesday, 27 December 2023

Khatu Shyam Mandir | Call Now+919118281718

 


मान्यता है कि जो भक्त यहां आकर भगवान के दर्शन करते हैं और मनोकामना मांगते हैं, उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं. खाटू श्याम का अर्थ है 'मां सैव्यम पराजित:' यानी जो हारे और निराश लोगों को संबल प्रदान करता हो. खाटू श्याम को श्रीकृष्ण का कलयुगि अवतार माना जाता है.

कौरवों की सेना अधिक होने के कारण पांडवों को युद्ध में परेशानी हो सकती है। इस पर बर्बरीक की मां ने उन्हें आज्ञा देते हुए ये वचन लिया कि वह युद्ध में हार रहे पक्ष का साथ देंगे। तभी से खाटू श्याम हारे का सहारा कहलाने लगे।
खाटू वाले की जय, श्याम प्यारे की जय
बोलो शीष के दानी की जय जय जय
खाटू वाले की जय, श्याम प्यारे की जय
बोलो तीन बाण धारी की जय जय जय
खाटू वाले की जय, श्याम प्यारे की जय
||श्री अचलः,श्री अच्युतः,श्री अद्भुतः,श्री आदिदेव,
आदित्य,श्री अजन्मा,श्री अजया,श्री अक्षर,
श्री अमृत,श्री आनंद सागर,श्री अनंता,श्री अनंताजित ||1 -12 ||

श्री खाटू श्याम जी राजस्थान राज्य के सीकर जिले में एक प्रसिद्ध गांव है, जहाँ पर बाबा श्याम का विश्व विख्यात मंदिर है। यह मंदिर 1027 ई॰ में रूपसिंह चौहान और नर्मदा कँवर द्वारा बनाया गया। इस मंदिर में भीम के पौत्र और घटोत्कच के तीनों पुत्रों में से ज्येष्ठ पुत्र बर्बरीक के सिर की पूजा होती है।
खाटू श्याम असल में भीम के पोते और घटोत्कच के बेटे बर्बरीक हैं। इन्हीं की खाटू श्याम के रूप में पूजा की जाती है। बर्बरीक में बचपन से ही वीर और महान योद्धा के गुण थे और इन्होंने भगवान शिव को प्रसन्न कर उनसे तीन अभेद्य बाण प्राप्त किए थे। इसी कारण इन्हें तीन बाण धारी भी कहा जाता है।

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