हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल और आसान उपाय है रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए। हनुमान चालीसा का रोजाना पाठ करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी संकटों, परेशानियों से छुटकारा मिलता है। रोजाना हनुमान चालीसा पाठ करने का नियम बना लें। हनुमान चालीसा पाठ का कोई विशेष नियम नहीं होता है।
संकटमोचन मंत्र
ॐ हं हनुमते नम:। मंत्र प्रभाव : यदि दिल में किसी भी प्रकार की घबराहट, डर या आशंका है तो निरंतर प्रतिदिन इस मंत्र का जप करें और फिर निश्चिंत हो जाएं। किसी भी कार्य की सफलता और विजयी होने के लिए इसका निरंतर जप करना चाहिए। यह मंत्र आत्मविश्वास बढ़ाता है।
हनुमान जी के नाम का स्मरण करने से सभी प्रकार के रोग, दोष, भय आदि दूर हो जाते हैं. मंगलवार को हनुमान जी की आराधना के बाद मंत्र ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा का जाप करें.
ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट। महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये।। ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
हनुमान जी के सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है?
मनोकामना के लिए मंत्र : ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये। नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।


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